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मोरारी बापू की मानस पोथी सिर पर उठाती है ये लड़की, बताई इंटरेस्टिंग बात


माधवी पालीवाल बापू की पोथी सिर पर रखने में एक एनर्जी मिलती है, जो मानो राम राज्य की अनुभूति कराती है।

संत मुरारी बापू ने पिछले दिनों काशी के मणिकर्णिका घाट के सामने गंगा पार रेती पर 800वीं नौ दिवसीय रामकथा पर आधारित मानस मसान की कथा सुनाई। उनकी हर कथा की शुरुआत में माधवी पालीवाल सि‍र पर मानस की पोथी लेकर आईं और कथा के अंतिम दिन बापू के साथ ले गईं। नेक्सा news ने माधवी से खास बातचीत की। उन्होंने बताया, ''बापू की पोथी सिर पर रखने में एक एनर्जी मिलती है, जो मानो राम राज्य की अनुभूति कराती है। इसको शब्दों में बया नहीं किया जा सकता।''
बचपन से सुन रही हूं बापू की कथा

- माधवी ने बताया, ''कथा के आयोजक मेराज ग्रुप ऑफ कम्पनीज के चेयरमैन मेरे पिता मदन पालीवाल थे।''
-''मैं मुंबई यूनि‍वर्सिटी से एमबीए कर रही हूं। बचपन से ही बापू की कथा सुनती आ रही हूं। अब तक छह कथाओं में बापू पोथी ले आ चुकी हूं।''
- ''इसके पहले पिताजी, मां शुशीला देवी, बहने गरिमा, भावना और पल्ल्वी पोथी ले आती रही हैं। अब उनकी शादियां हो गई हैं, इसलिए यह काम मैं कर रही हूं।''
- ''मेरे पिता मदन पालीवाल नाथद्वारा राजस्थान के रहने वाले हैं। उन्होंने सत्य सनातन नामक एक ट्रस्ट बनाया है, जो धार्मिक कार्यों को करता है। इसी के तहत बापू की कथा होती है।''
- ''मदन पालीवाल फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े हैं और उन्होंने मदारी जैसी फिल्म को बनाया। बिल्डर, डेवलपर समेत उनके कई और बिजनेस हैं।''
- ''मोरारी बापू को कथा स्थल तक खुद कार चलाकर ले आते और ले जाते हैं। बापू के लिए एक चार्टर प्लेन तक वो रिजर्व रखते है।''
- ''माधवी ने बताया बापू द्वारा भोग लगाया गया प्रसाद टॉफी मैंने सीएम योगी को दिया था।''