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अमिताभ से लेकर राहुल तक रोए थे उस दिन, ऐसे हुआ था इंदिराजी का अंतिम संस्कार


आज से ठीक 33 बरस पहले दिल्ली के यमुना किनारे देश की सबसे ताकतवर प्राइम मिनिस्टर का अंतिम संस्कार हुआ था। 31 अक्टूबर 1984 की सुबह बाकी दिनों की तरह हल्की सर्द थी। लेकिन इंदिराजी की हत्या ने पूरे देश में मातम की जो हवा फैलाई, उससे उबरने में महीनों लग गया मुल्क को। शाम को उनका शव एम्स से अंतिम दर्शन के लिए तीनमूर्ति भवन ले जाया गया। श्रद्धांजलि देने वालों की ऐसी लाइन लगी की तीन दिन तक थमी ही नहीं।

भारत में यह पहला मौका था जब लोगों ने अपने घर में ब्लैक एंड व्हाइट टीवी पर किसी के फ्यूनरल का लाइव टेलिकास्ट देखा हो। राजीव गांधी ने अपनी मां की चिता को जैसे ही मुखाग्नि दी, लोगों के आंसू निकल पड़े। वहां मौजूद राहुल गांधी अपने डैडी की छाती से लग वहीं फूट-फूट कर रोने लगे। इंदिरा की आखिरी यात्रा के दौरान अमिताभ फूट-फूट कर रो रहे थे। अमिताभ उनके शव के पास ऐसे खड़े रहे जैसे एक पुत्र अपनी मां को आखिरी विदाई दे रहा हो।

- इंदिरा गांधी की शवयात्रा 3 नवंबर को दोपहर करीब 11 बजे शुरू हुई थी। उनके निवास से लेकर राजघाट तक लोगों की भीड़ थी। हर एक की आंखों में आंसू थे।

- सात किलोमीटर दूर यमुना के किनारे उनका अंतिम संस्कार हुआ जहां दुनिया भर के तमाम राष्ट्राध्यक्ष भारत की इस लौह महिला को श्रद्धांजलि देने के लिए मौजूद थे। जहां उनका अंतिम संस्कार हुआ बाद में उस स्थान को शक्तिस्थल कहा गया।

- गांधी परिवार के करीबी और राजीव गांधी के बचपन के दोस्त अमिताभ बच्चन भी अंतिम संस्कार में मौजूद थे। राजीव और पूरे गांधी परिवार को हिम्मत देने का कोई काम कर रहा था तो वह अमिताभ बच्चन ही थे।

- पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी और अमिताभ बच्चन बचपन से ही काफी अच्छे दोस्त थे। उनकी दोस्ती उस दौर में काफी फेमस थी।

- कहा जाता है कि राजीव जब पढ़ाई करने इंग्लैंड गए थे, तब वे लंदन से अमिताभ को लेटर लिखते थे।
#अमिताभ को अपना तीसरा बेटा मानती थीं इंदिरा

- अमिताभ की मां तेजी बच्चन और राजीव गांधी की मां पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के बीच गहरी दोस्ती थी।
- राजीव और अमिताभ की पहली मुलाकात अमिताभ के बर्थडे के दिन हुई थी, जब तेजी के इनविटेशन पर इंदिरा बेटे राजीव को लेकर अमिताभ के घर पहुंची।

- अमिताभ को इंदिरा अपना तीसरा बेटा मानती थीं। इंदिरा की मौत के बाद अमिताभ उनकी अंतिम यात्रा में पहुंचे और पूरे टाइम उनके शव के पास ही बैठे रहे।

- जब राजीव इंग्लैंड में रहकर पढ़ाई कर रहे थे, तब इंदिरा तेजी बच्चन के घर राजीव का हाल जानने जाती थी। क्योंकि राजीव अमिताभ को इतना पसंद करते थे कि अपनी मां के पहले वे उन्हें लेटर लिखते थे।

- राजीव गांधी की बेटी प्रियंका की शादी में अमिताभ ने एक दोस्त हाेने के नाते सारी जिम्मेदारी निभाई थीं। मेहमानों के स्वागत से लेकर सारे काम अमिताभ ने आगे बढ़कर किए थे।