'KBC' में पहुंचे असली फुंसुक वांगड़ू, पहले सवाल पर अटके, फिर जीते 50 लाख
लद्दाख के इंजीनियर, इनोवेटर और एजुकेशन रिफॉर्मिस्ट सोनम वांगचुक (जिनसे फिल्म '3 इडियट्स' में आमिर खान का किरदार प्रभावित है) शुक्रवार को 'कौन बनेगा करोड़पति 9' की मुहीम 'नई चाह, नई राह' के स्पेशल गेस्ट बने। इस दौरान उन्होंने चारों लाइफलाइन्स की मदद से 9 सवालों का सही जवाब दिया और 50 लाख रुपए जीत लिए। इससे पहले कि अमिताभ बच्चन उनसे एक करोड़ का सवाल पूछते, हूटर बज गया और खेल बंद करना पड़ा।
- शो के दौरान जब अमिताभ बच्चन ने पहला सवाल पूछा तो वांगचुक अटक गए। उन्होंने लाइफलाइन 'ऑडियंस पोल' की मदद से इसका जवाब दिया।
- इसके बाद 5वें सवाल पर उन्होंने दो लाइफलाइन ('50:50' और 'जोड़ीदार') और 8वें सवाल पर चौथी और आखिरी लाइफलाइन 'फोन ऑफ फ्रेंड' का इस्तेमाल किया।
- डायरेक्टर राजकुमार हिरानी की फिल्म '3 इडियट्स' में आमिर खान द्वारा निभाया गया फुंसुक वांगड़ू का किरदार सोनम वांगचुक से ही प्रभावित था।
- हालांकि, सोनम से जब अमिताभ बच्चन ने इस बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि वे नहीं चाहते थे कि लोग चीजों को फिल्मों में देखने के बाद जानें। इसलिए अगर आमिर का रोल उनसे प्रभावित था भी तो उनके लिए यह कोई गर्व की बात नहीं है और अगर नहीं था तो उन्हें कोई पछतावा नहीं है।
- सोनम स्टूडेंट एजुकेशनल एंड कल्चरल मूवमेंट ऑफ लद्दाख (SECMOL) के फाउंडर और डायरेक्टर हैं, जिसकी स्थापना 1988 में हुई। यह एक ऐसा इंस्टीट्यूट है, जहां स्टूडेंट्स को उस टेक्निक से पढ़ाया जाता है, जिससे वे बेहतर सीख सकें। इसके अलावा, यहां स्टूडेंट्स खुद अपने आइडिया सिलेक्ट कर, उनपर काम करते हैं।
- वांगचुक को 2016 में 'रोलेक्स अवॉर्ड फॉर इंटरप्राइज' दिया गया। यह अवॉर्ड उन्हें पानी की कमी वाले इलाके में बर्फ के स्तूप बनाने के लिए दिया गया, जिनका इस्तेमाल खेती के लिए किया जाता है। जनवरी के समय ये स्तूप बनाते हैं और मार्च-अप्रैल में जब पानी की समस्या होती है तो ये पिघलने लगते हैं, जिससे की खेतों में फसल और दूसरे-पेड़ पौधों को पर्याप्त मात्रा में पानी मिल जाता है।
- 'केबीसी' में वांगचुक ने बताया कि वे शो से जीती रकम उनके यूनिवर्सिटी प्रोजेक्ट में लगाएंगे। दरअसल वे हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ़ अल्टरनेटिव्ज लद्दाख नाम से यूनिवर्सिटी बना रहे हैं, जो उनके स्कूल की तरह ही होगी। इसके जरिए वांगचुक उच्च शिक्षा में सुधार की कोशिश करेंगे।
- वांगचुक के मुताबिक, इस यूनिवर्सिटी में स्टूडेंट्स का ज्यादातर वक्त प्रैक्टिकल और फील्ड में बीतेगा। जहां जरूरी होगा, वहीं थ्योरी क्लास लगाई जाएगी।

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