कभी उम्मीद छोड़ विदेश चला गया था ये प्लेयर, फिर खेला सचिन-सौरव के साथ
समीर दिघे ने भारत की ओर से 23 वनडे इंटरनेशनल खेले। 31 साल की उम्र में उनका सिलेक्शन टीम में हुआ था।
टीम इंडिया के पूर्व क्रिकेटर समीर दिघे ने हाल ही में अपना 50वां बर्थडे (8 अक्टूबर 1968) सेलिब्रेट किया। मुंबई के लिए घरेलू क्रिकेट खेलने वाले समीर ने भारत की ओर से 6 टेस्ट और 23 वनडे मैच खेले।
वे टीम में बतौर बैट्समैन और विकेटकीपर खेला करते थे। एक वक्त तक कोशिश करने के बाद समीर को लगने लगा था कि उनका क्रिकेट करियर खत्म हो गया है। निराश होकर देश छोड़ चुके थे समीर...
- एक वक्त पर समीर को लगने लगा कि अब उनका क्रिकेटर करियर आगे नहीं बढ़ सकता, जिसके बाद वे पढ़ाई करने अमेरिका चले गए थे। लेकिन इसी बीच उनका सिलेक्शन टीम में हो गया।
- समीर का सिलेक्शन जब नेशनल टीम में हुआ था, तब उनकी उम्र 31 साल थी और वे अमेरिका में ही थे। उनके सिलेक्शन को लेकर विवाद भी हुआ था।
- दिघे वनडे टीम में बतौर विकेटकीपर खेले। अपने वनडे करियर के आठ मैचों में उन्होंने सात कैच लिए और एक स्टम्पिंग भी की।
- जनवरी 2000 में पाकिस्तान के खिलाफ एक मैच में चार कैच लेकर समीर काफी फेमस हो गए थे।
सचिन-सौरव के साथ खेला क्रिकेट
- जनवरी 2000 में जब समीर ने अपना वनडे डेब्यू किया। तब टीम इंडिया के कप्तान सचिन तेंडुलकर थे, वहीं टीम में उनके अलावा सौरव गांगुली, राहुल द्रविड़, वीवीएस लक्ष्मण जैसे दिग्गज बैट्समैन थे। तो वहीं अनिल कुंबले, जवागल श्रीनाथ और वेंकटेश प्रसाद जैसे बॉलर भी थे।
- दिघे ने डेब्यू टेस्ट ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला था। उस मैच में भी सचिन-सौरव-द्रविड़ जैसे कई दिग्गज प्लेयर्स थे।
मैच की दूसरी इनिंग में समीर ने 22* रन बनाए थे। जिसकी मदद से भारत ने वो मैच 2 विकेट से जीत लिया था।
ऐसा रहा क्रिकेट करियर
- समीर दिघे ने अपना फर्स्ट क्लास डेब्यू 1990-91 की रणजी ट्रॉफी में मुंबई की टीम से खेलते हुए गुजरात के खिलाफ किया था।
- उन्होंने अपना टेस्ट डेब्यू मार्च 2001 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चेन्नई में किया था। टेस्ट करियर में उन्होंने 6 मैच खेलते हुए 141 रन बनाए।
- वनडे करियर में उन्होंने 23 मैच खेले और 256 रन बनाए। वनडे में उन्होंने एक फिफ्टी भी लगाई।
- टेस्ट करियर में उनका बेस्ट स्कोर 47 रन रहा। वहीं वनडे में उनका बेस्ट स्कोर 94* रन रहा, जो उन्होंने विंडीज के खिलाफ बनाया था।
- टेस्ट मैचों में दिघे के नाम पर 12 कैच और 2 स्टम्पिंग है, वहीं वनडे करियर में उन्होंने 19 कैच और 5 स्टम्पिंग की।
मुंबई की टीम ने साल 1999-2000 का रणजी ट्रॉफी टूर्नामेंट समीर दिघे की कप्तानी में ही जीता था। फाइनल में मुंबई ने अजहर की कप्तानी वाली हैदराबाद की टीम को हराया था।
- ये बतौर कप्तान दिघे की कप्तानी में मिली पहली और आखिरी जीत थी। मुंबई की टीम ने साल 1996-97 में संजय मांजरेकर की कप्तानी में मिली जीत के बाद दिघे की कप्तानी में ही रणजी ट्रॉफी जीती थी।
- इसके बाद मुंबई को अगली ट्रॉफी साल 2002-03 में पारस म्हाम्ब्रे की कप्तानी में मिली थी।
खेलना छोड़ने के बाद कर रहे ये काम
- क्रिकेट खेलना छोड़ने के बाद समीर दिघे क्रिकेट कोच बन गए। साल 2007 में हुए ICC वर्ल्ड क्रिकेट लीग डिवीजन थ्री टूर्नामेंट में वे हॉन्गकॉन्ग टीम के हेड कोच बने।
- साल 2006 से 2008 के बीच वे त्रिपुरा क्रिकेट टीम के हेड कोच रहे। IPL 2008 में वे मुंबई इंडियन्स टीम के फील्डिंग कोच भी रहे, लेकिन बाद में उन्हें जोंटी रोड्स ने रिप्लेस कर दिया।
- साल 2009 में वे मुंबई क्रिकेट टीम के सिलेक्टर बन गए। इसके अलावा उन्होंने इंडिया ए और इंडिया ब्लू टीम को कोचिंग भी दी। जून 2017 में उन्हें चंद्रकांत पंडित की जगह मुंबई टीम का कोच बना दिया गया।


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