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सुनसान रास्ते निकली टायर की हवा, बाहर आते ही लोगों को रास्ते में दिखा ये



कहते हैं कि किस्मत से पहले और ज्यादा किसी को नहीं मिलता। कई बार जिस चीज को हम शिद्दत से ढूंढ़ रहे होते हैं, वो हमें नहीं मिलता। लेकिन फिर अचानक ही वो हमारे सामने आ जाता है। ऐसा ही कुछ हुआ था 1990 में अमेरिका के पैलेन्टियोलॉजिस्ट्स के साथ। एक सुनसान जगह पर काफी देर तक फॉसिल्स की तलाश करने के बाद जब उनके हाथ कुछ नहीं लगा, तो वो निराश होकर घर जाने लगे। लेकिन तभी टायर के पंक्चर होने के बाद उनके सामने कुछ ऐसा आया, जिसकी उन्होंने कल्पना भी नहीं की थी।


अमेरिका के स्टेट साउथ डकोटा के ब्लैक हिल्स इंस्टीट्यूटऑफ जियोलाजिकल रिसर्च के कुछ पैलेन्टियोलॉजिस्ट्स चेयन रिवर इंडियन रिजर्वेशन गए ताकि वे वहां पर फॉसिल्स ढूंढ पाएं। उन्होंने ग्राउंड के मालिक को 3 लाख रुपए भी दिए ताकि वे उस जगह को अच्छे से एक्स्प्लोर कर पाएं।

पैलेन्टियोलॉजिस्ट्स को उस जगह से काफी उम्मीदें थी कि उन्हें वहां से कई तरह के फॉसिल्स को मिलेंगे लेकिन हुआ बिल्कुल उल्टा। उन्होंने वहां फॉसिल ढूंढने में बहुत मेहनत की लेकिन उन्हें कुछ भी नहीं मिला। हार मानकर वे वापसी की तैयारी करने लगे। जैसी ही वे गाड़ी में बैठने जा रहे थे, वैसे ही उन्होंने देखा कि उनकी गाड़ी का टायर पंक्चर है। टीम के बाकी मेंम्बर्स टायर ठीक करवाने चले गए लेकिन उनकी टीम की एक मेम्बर, सू हेंडरिक्सों वहीं पर गाड़ी के पास रुकीं। उस समय वहां यूं ही टहलते हुए उनकी नजर अचानक जमीन में गड़ी हड्डी पर पड़ी। बस यहीं से खोज की शुरुआत हो गई।


जैसी ही सू को एक हड्डी मिली वे और हड्डियां ढूंढने में जुट गई और उन्हें वहां कई और फॉसिल्स मिले। उन्होंने फटाफट अपनी टीम को ये खबर दी और सबने उस जगह का एक-एक कोना देखा और फॉसिल्स ढूंढे। फिर उन्होंने अपने इंस्टीट्यूट के प्रेसिडेंट को इसकी जानकारी दी। जब वे वहां आए तो उन्होंने देख कर बोला कि ये फॉसिल्स तो टैनरोसौरौस के हैं। पूरी टीम ने और फॉसिल्स ढूंढे और उन्हें 90% से भी ज्यादा फॉसिल्स मिल गए।



पैलेन्टियोलॉजिस्ट्स ने उस जगह से टैनरोसौरौस की पूंछ, दोनों हाथ, 5 फीट लम्बा चेहरा और दुनिया के सबसे बड़े दांत ढूंढे। पैलेन्टियोलॉजिस्ट्स ने ये भी बताया कि जिस डायनासोर का कंकाल मिला है, उसकी रिब्स टूटी हुई थीं और हाथ घायल थे।