दुल्हा भी नहीं जानता था दुल्हन लेकर लौटेगा घर, परिवार वाले भी थे बेखबर
राजस्थान के छोटे से गांव डूमोली खुर्द में रविवार को एक हैरान करने वाला मामला सामने आया। यहां एक युवक मंगनी करने पहुंचा और कुछ ऐसा हुआ कि वहीं दूल्हा-दुल्हन का जोड़ा मंगवा कर दोनों की शादी करवा दी गई। दूल्हा एक जोड़े में अपनी दुल्हन लेकर विदा हो गया। बिना किसी ताम झाम हुए इस विवाह के बारे में जिसने भी सुना, उसने तारीफ की। न तो दूल्हा घोड़ी पर बैठा, न बैंड बाजे लाए गए, बस मंगनी करने आए थे, शादी कर चले गए।
- दयाराम मेघवाल की बेटी सुषमा के साथ मंगनी करने राजस्थान के झुंझुनूं के पास के गांव से सवाईसिंह भूरिया का परिवार बेटे शैलेष की सगाई की रस्म पूरी करने आया था। बातों ही बातों में शादी का कार्यक्रम बना दिया गया। दूल्हे शैलेष भूरिया के मामा श्रवण कुमार नेमीवाल ने बिना दहेज की शादी करने का प्रपोजल रख ही दिया। दूल्हे के शिक्षक पिता सवाईसिंह पहले भी अपनी दो बेटियों की बिना दहेज की शादी कर चुके थे। उन्होंने प्रस्ताव रखा की वह न तो दहेज लेगा और न ही पहले उसने दिया है।
- विवाह के दोनों पक्षकरों ने मौके पर सलाह कर चट मंगनी पट ब्याह की बात को सच करते हुए दूल्हे की पहल पर जो शादी हुई उसमें आशीर्वाद अन्य रस्मों में किसी प्रकार का कोई लेन देन नहीं हुआ साधारण मंडप के नीचे सादगी के साथ फेरे हुए। केवल नारियल और मंगनी में पहने हुए कपड़ों में दुल्हन को हंसी खुशी और महिलाओं ने मंगल गीतों के साथ विदा किया।

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