लता मंगेशकर ने खरीदा था पहला रेडियो, इनकी मौत की खबर सुनकर दिया था लौटा
28 सितंबर को लता मंगेशकर का 88वां जन्मदिन है। लता जी ने 20 से ज्यादा भारतीय भाषाओं में तकरीबन 30 हजार गीत गाए हैं। भाई हृदयनाथ, बहन आशा, उषा और मीना को पाल-पोसकर बड़ा करने के लिए लता जी ने विवाह भी नहीं किया।
वहीं बता दें कि लता जी को रेडियो सुनने का बड़ा शौक है। जब वो 18 वर्ष की थी तब उन्होने अपना पहला रेडियो खरीदा और जैसे ही रेडियो ऑन किया तो के.एल.सहगल की मृत्यु का समाचार उन्हें प्राप्त हुआ।
बाद में उन्होंने वह रेडियो दुकानदार को वापस लौटा दिया था। गौरतलब है कि आजादी से भी पांच साल पहले, यानी तकरीबन 75 साल से लता जी गायन कर रही हैं। लता जी को ‘भारत रत्न', तीन राष्ट्रीय पुरस्कार और चार फिल्मफेयर अवार्ड्स समेत कई पुरस्कार मिले हैं।
बर्थडे के खास दिन पर नेक्सा न्यूज़ ने की लता मंगेशकर से खास बातचीत.
हमने सुना है कि सुरीले गायन के साथ-साथ आप बेहद मीठाहलवा भी बनाती हैं... पूछना ये है कि कुकिंग में परफेक्ट होनेऔर इसमें रुचि के पीछे क्या कारण है?
अभी तो शौक ही है। हां, 40 के दशक के भी पहले की बात है, जब हम लोग छोटे थे, तब ज्यादातर नानी के यहां ही रहते थे।
उनका गांव बहुत छोटा था। वहां बैलगाड़ी और साइकल के अलावा और कोई वाहन नहीं पहुंचता था। कभी कुछ जायकेदार खाना हो तो आपको खुद पकाना होता था क्योंकि वहां कोई साधन नहीं था।
भूख लगने पर भाई-बहनों को कुछ खिलाना होता था तो हम ललक के साथ खाने-पीने की चीजें तैयार करते थे। नानी बहुत अच्छा खाना बनाती थीं। हमने उनसे ही सीखा था कि भोजन कैसे तैयार करते हैं। पूरनपोली बनाने के बारे में भी नानी से
जाना। उन्होंने हमको खूब सिखाया। बचपन से ही हम (आशा, मीना और मैं) खाना पकाने और खाने में पक्के हो गए थे।


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