देश में हर साल 70 हजार हार्ट ट्रांसप्लांट की जरूरत, होते हैं सिर्फ ७०
देश में हर साल दिल के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। अभी छह करोड़ लोग इससे पीड़ित हैं। हर किसी के लिए दिल की बीमारियों का महंगा इलाज करवा पाना असंभव है। अगर कोई दिल का प्रत्यारोपण (हार्ट-ट्रांसप्लांट) करवाता भी है तो कठिन प्रक्रिया, कम सुविधा और अंगदान के लिए जागरूकता की कमी के कारण नहीं हो पाता। वर्ल्ड हार्ट डे पर भास्कर ने ऐसे ही एक परिवार से बात की जिन्हें दिल मिला अौर जिन्होंने दिल दिया तो पता चला अब वो दो नहीं बल्कि एक परिवार हो चुके हैं।
भारत बहुत पीछे है...
- एम्स में हृदय प्रत्यारोपण करने वाले वरिष्ठ चिकित्सक प्रोफेसर मिलिंद पी. होते ने बताया प्रत्यारोपण के मामले में भारत बहुत पीछे है।
- विश्व में हर साल 5000 हृदय प्रत्यारोपण होता है। अमेरिका में जहां हर साल 2500 वहीं भारत में करीब 70 प्रत्यारोपण नहीं होते हैं। जबकि हर साल ६०, से 70 हजार प्रत्यारोपण की जरूरत है।
- हृदय प्रत्यारोपण के 25 सेंटर हैं, जबकि जरूरत कम-से-कम 100 की है।
बागपत(यूपी) के यज्ञवीर आर्य फरवरी, 2016 में दिल्ली के फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हार्ट इंस्टीट्यूट में हार्ट ट्रांसप्लांट के लिए भर्ती हुए थे।
- वह बताते हैं कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि किसी का दिल उन्हें मिल पाएगा। रेवाड़ी (हरियाणा) का एक परिवार नया जीवन लेकर आया।
- यज्ञवीर का कहना है कि अब सिर्फ उन्हें नया जीवन मिला है, बल्कि मेरे हर धड़कन पर रेवाड़ी के उस परिवार का भी उतना ही अधिकार है, जितना मेरा या मेरे परिवार का।
- ट्रांसप्लांट के डेढ़ साल हो चुके हैं और वह पूरी तरह स्वस्थ हैं। उधर, रेवाड़ी के रहने वाले युवक (ब्रेन डेड के बाद जिसने हृदय दान किया था) के पिता ने बताया कि दोनों परिवारों के बीच बहुत अच्छे संबंध हैं।
यज्ञवीर का हृदय प्रत्यारोपण करने वाले फोर्टिस अस्पताल के कार्डियोवेस्कुलर डिपार्टमेंट के निदेशक डॉक्टर जेडएस मेहरवाल ने बताया प्रत्यारोपण के बाद 80% मरीज की उम्र पांच, 70% मरीजों की उम्र 10 वर्ष और करीब 60% मरीज 15 वर्ष तक जीवित रह पाते हैं।
- प्रत्यारोपण के बाद सबसे अधिक समय तक 33 साल तक अमेरिका का एक मरीज जीवित रहा था।
- एम्स के वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉक्टर राकेश यादव ने बताया कि हृदय रोगियों की संख्या के मामले में भारत पहले स्थान पर है।
- भारत में करीब छह करोड़ लोग हृदय रोग से पीड़ित हैं। भारत में हर पांचवां वयस्क उच्च रक्तचाप और हर आठवां मधुमेह से पीड़ित है।
दिल्ली के हृदय रोगियों के लिए एक अच्छी खबर है। एक निजी अस्पताल ने इलाज और जांच रिपोर्ट चिकित्सकों से दिखाने के लिए मुफ्त व्यवस्था की है।
- इसके लिए अस्पताल जाने की भी जरूरत नहीं है। अस्पताल से ने वाट्सएप नंबर 9953363343 जारी किया गया है। इस पर चिकित्सकों से राय ली जा सकती है।
- बत्रा हार्ट सेंटर के चेयरमैन डॉक्टर उपेंद्र कौल ने बताया कि कोई भी मरीज वाट्सएप नंबर पर जांच रिपोर्ट भेज सकता है।

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