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कितना स्ट्रॉन्ग है आपका स्पर्म? ये हैं स्पर्म को स्ट्रॉन्ग बनाने के 10 Tips


ह्यूमन रिप्रोडक्शन अपडेट्स नामक जर्नल में पब्लिश एक स्टडी के मुताबिक पिछले कुछ सालों में दुनिया भर के मर्दों के स्पर्म काउंट और क्वालिटी में गिरावट आई है। कई देशों में लाइफस्टाइल के कारण पुरुषों में 40 से 50% तक स्पर्म काउंट कम हो गया है।
कैसे तय होती है स्पर्म की स्ट्रॉन्गनेस?
दिल्ली के अवेया फर्टिलिटी और आईवीएफ सेंटर की आईवीएफ स्पेशलिस्ट डॉ. निशा भटनागरके मुताबिक स्पर्म की हेल्थ को मापने के मुख्य रूप से तीन तरीके हैं।

1. क्वांटिटी
एक नॉर्मल इजाकुलेशन में 15 मिलियन प्रति मिलिमीटर तक स्पर्म हो सकते हैं। अगर स्पर्म की क्वांटिटी इससे काफी कम है तो फर्टिलिटी कमजोर हो सकती है।

2. मूवमेंट
एग को फर्टिलाइज करने के लिए स्पर्म का मूवमेंट काफी फास्ट होना चाहिए। अगर 40% से ज्यादा स्पर्म महिला के यूट्रस और फैलोपियन ट्यूब का रास्ता पार कर लेते हैं तो प्रेग्नेंसी की पॉसिबिलिटीज बढ़ जाती है।

3. स्ट्रक्चर
एक नॉर्मल और हेल्दी स्पर्म में आगे से ओवल शेप का हेड होता है और पीछे लंबी पूंछ होती है। इसके जरिए स्पर्म यूट्रस और फैलोपियन ट्यूब में आगे बढ़ता है। जितने ज्यादा नॉर्मल शेप के स्पर्म होंगे, फर्टिलिटी उतनी ही ज्यादा होगी।

कैसे स्ट्रॉन्ग बनाएं स्पर्म?
 dotcor निशा भटनागर का कहना है कि स्पर्म को ज्यादा स्ट्रॉन्ग, फास्टर और फर्टाइल बनाने के लिए लाइफस्टाइल को हेल्दी बनाना बहुत जरूरी है। आगे की स्लाइड्स में वे बता रही हैं कुछ टिप्स, जिनके जरिए स्पर्म को ज्यादा स्ट्रॉन्ग और हेल्दी बनाया जा सकता है।