एशिया के सेकंड लार्जेस्ट डैम से भी 50 फीट ऊंचा बना ये चमत्कारिक मंदिर
भाखड़ा गांव में मंदिर की मौजूदा गद्दीनशीन माता शीला देवी जी के अनुसार, 18 नवंबर 1955 में देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने डैम का नींव रखी थी और 1963 में इसका काम पूरा हुआ था। उस समय उद्घाटन भाषण में नेहरू ने इस बांध को भारत का नया मंदिर, गुरुद्वारा और मस्जिद बताया था। यहां पर बाबा गरीबनाथ की कुटिया भी थी। डैम बनाने वालों ने कुटिया को हटाना चाहा लेकिन नहीं हटा पाए थे। बाबा के रसोइये का सामान उठाने वाले की आंखों की रोशनी चली गई...
डैम निर्माण में लगी कंपनी का एक कर्मी जब बाबाजी के रसोइए हंसराज का सामान उठा ले गया तो उसकी आंखों की रोशनी चली गई थी।
- उसके बाद कंपनी के लोगों ने बाबा से माफी मांगी जिसके बाद ही वह ठीक हुआ, तब से BBMB या किसी और डिपार्टमेंट ने इसे नुकसान नहीं पहुंचाया।
- यह मंदिर बाबा बालक नाथ मंदिर के बाद इलाके में नाथों का दूसरा सबसे बड़ा मंदिर है।
झील भरने पर 4-5 फीट पानी से घिर जाता है मंदिर
- अंदरोली (ऊना) का गोरखनाथ मंदिर भाखड़ा डैम के रेजरवायर- गोबिंद सागर झील के बीच बना है।
- बांध बनने से पहले यहां बाबा गरीबनाथ की कुटिया थी। उनके बाद बाबा नसीब सिंह राणा को गद्दी मिली जिन्होंने 1979 में यहां मंदिर का निर्माण करवाया और डैम से 50 फीट ज्यादा हाइट रखी।
इसलिए नहीं डूबता
- भाखड़ा डैम की मैक्सिमम स्टोरेज कैपिसिटी 1680 फीट है। बांध के इस लेवल तक भरने पर मंदिर 4-5 फीट पानी से घिर जाता है। तब लोग यहां नाव से आते हैं।
- BBMB के अफसर सावधानी के तौर पर 1678 फीट भरने पर डैम के फ्लड गेट खोल देते हैं जिससे मंदिर पूरा नहीं डूबता।
फैक्ट्स
9.25 km3- लंबा है गोबिंद सागर। स्टोरेज कैपेसिटी के लिहाज से यह देश की तीसरी सबसे बड़ी मानव निर्मित झील है।
11.561 km3- लंबा तेलंगाना का नागार्जुन सागर दूसरे स्थान पर है।
12.2 km3- लंबा एमपी का इंदिरा सागर देश में पहले स्थान पर है।


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