लीगल है मैरिटल रेप से लेकर पिटाई, महिलाओं के खिलाफ मौजूद हैं ये कानून
महिलाओं को मारने से लेकर उनका अपहरण करने तक। ऐसी कानून फॉलो किए जाते हैं इन देशों में।
आजकल हर कोई महिलाओं को बराबरी का हक दिलवाने की बात करता नजर आता है। लेकिन दुनियाभर में आज भी कई ऐसे कानून मौजूद हैं, जिन्हें सुन कर ही रोंगटे खड़े हो जाते हैं। कहीं पति अपनी बीवी को डराने के लिए हाथ उठा सकता है तो कहीं पर शादी के बाद महिला का रेप करना लीगल माना जाता है। आज हम आपको ऐसे ही कुछ कानूनों के बारे में बताने जा रहे हैं। महिलाओं के
- 2016 में पकिस्तान के कॉउंसिल ऑफ इस्लामिक आइडियोलॉजी ने एक बिल पेश किया था। जिसमें ये लिखा था कि अगर बीवी अपने पति की बात नहीं सुन रही या उसकी मंजूरी के बिना कपड़े पहन रही है तो उसका पति उसको सबक सिखाने के लिए उसपर हाथ उठा सकता है। पूरी दुनिया में पाकिस्तान के इस नियम की कड़ी आलोचना की गई थी लेकिन आज भी वहां के संविधान में ये कानून शामिल है।
कई देशों के कानून के तहत शादी के बाद पति अपनी बीवी का रेप कर सकता है। इंडियन लॉ के हिसाब से, अगर बीवी 15 साल से बड़ी उम्र की हो तो पति ऐसा कर सकते हैं। वहीं बहामास में ऐसा 14 साल से बड़ी लड़की के साथ और सिंगापुर में 13 साल की लड़की के साथ किया जा सकता है।
लेबनान और माल्टा जैसे देशों में मौजूद कानून के तहत, अगर आदमी महिला को किडनैप या रेप करने के बाद उससे शादी कर ले तो उस आदमी को कोई सजा नहीं मिलेगी।
नाइजीरिया में पति अपनी पत्नी को लीगली मार सकता है। लेकिन पत्नी की बॉडी पर कोई गंभीर चोट नहीं आनी चाहिए।
इजराइल में महिलाएं पति से परेशान हो कर तलाक नहीं ले सकतीं। सिर्फ आदमी ही ऐसा कर सकते हैं।
अफगानिस्तान में महिलाएं पति से बिना पूछे घर से बाहर नहीं निकल सकतीं। ये गैरकानूनी है और पति ऐसा करने पर बीवी को सजा दे सकते हैं।
ट्यूनीशिया में बेटे को जहां पूरी विरासत मिलती है। वहीं बेटियों को आधी। भारत में अभी भी जायदाद वगैरह के मामलों में बेटियों को ज्यादा हिस्सदारी नहीं मिल पाई है।
कैमरून और गिन्नी जैसे देशों में पति फैसला करते हैं कि उनकी बीवी क्या नौकरी करेगी। महिलाएं अपनी मर्जी के हिसाब से काम का चुनाव नहीं कर सकतीं।


Post a Comment