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पैदा होते ही अनाथ आश्रम में छोड़ गए थे मां-बाप, आज हजारों बच्चे मानते हैं अपना आइडियल


दुनिया में ज्यादातर माता-पिता अपने बच्चे को हर हाल में स्वीकार कर लेते हैं

 लेकिन कई बार बच्चे की असामान्य गतिविधियों या फिर असामान्य रंग रूप के चलते माता पिता को अपने बच्चे को छोड़ने का फैसला लेना पड़ता है।

आज हम आपको एक ऐसे युवक के बारे में बताने जा रहे हैं जिसे पैदा होने के 36 घंटे बाद ही उसके माता-पिता उसे अनाथालय में छोड़ गए थे क्योंकि उस बच्चे की शक्ल काफी खराब थी।

लेकिन कुछ समय बाद उस बच्चे को अनाथालय से एक महिला ने गोद ले लिया और उसे पाल पोस कर बड़ा किया और उसका नाम जोनों रखा गया जैसे जैसे जोनों बड़ा होता गया तो लोग उसके करीब आने से डरते थे और दूर भाग जाते थे।

उसके क्लास के बच्चे कहते थे कि हम से दूर रहो नहीं तो यह बीमारी हमें भी हो जाएगी दरअसल जोनों ट्रेचर कॉलिंस सिंड्रोम नामक बीमारी से पीड़ित था

जिसके कारण उसके चेहरे की 40 हड्डियों का विकास नहीं हो पाया और साथ ही उसके चेहरे पर आंख मुंह और नाक भी सही से उबर नहीं पाई।

जोनों को अपने बचपन में कई तरह के भेदभाव का शिकार होना पड़ा उसके साथ कोई भी बच्चा खेलने को तैयार नहीं होता था

जिस वजह से वह बच्चों को टॉफी देकर अपनी तरफ बुलाने की कोशिश करते थे फिर भी बच्चे उनसे दूर भाग जाते थे।

लेकिन जब वह थोड़े बड़े हुए तो लोग उनसे धीरे धीरे बात करने लगे तो उनको पहले से बेहतर महसूस होने लगा

 जिसके बाद जोनों ने  एक बार में काम करना शुरू किया बार में काम करते करते जोन ने स्पोर्ट साइंस और फिटनेस इंस्ट्रक्टर में डिप्लोमा किया।

इसके बाद जोन फिटनेस इंस्ट्रक्टर बन गए इसी दौरान उन्हें लारा नाम की लड़की मिल गई जिसने उन्हें काफी मोटिवेट किया और वह दोनों एक दूसरे से प्यार करने लग गए।

जिसके बाद जोन ने लौरा के साथ मिलकर नई जिंदगी की शुरुआत की और दोनों ने मिलकर एक घर खरीदा अब जोन दुनिया भर में इस बीमारी से शिकार बच्चों को मोटिवेट करते हैं

 और वह साथ ही उन बच्चों को बताते हैं कि ऐसे हालात में लोगों का सामना कैसे करते हैं।

अब जानो अपनी खुशहाल जिंदगी जी रहे हैं और दुनिया भर के हजारों बच्चे उन्हें अपना आइडियल मानते हैं