ये महारानी नेपाल से लाई थी बहू, बेटे से महल में रहने का लेती थी किराया
ग्वालियर राजघराने की राजमाता विजयाराजे सिंधिया का 12 अक्टूबर को जन्मदिन है।दरअसल, विजयराजे सिंधिया की लिखी वसीयत ने सबको चौंका दिया था। जिसमें उन्होंने अपने राजघराने की प्रॉपर्टी का बंटवारा नहीं किया था। उन्होंने यहां तक अपनी वसीयत में ये भी लिख दिया था कि उनका बेटा उनका अंतिम संस्कार नहीं करेगा। कहते हैं वे अपने बेटे माधवराव से महल में रहने का किराया भी लेती थीं।
माधवराव सिंधिया की शादी 8 मई 1966 को नेपाल के शाही खानदान में हुई थी। शादी से पहले माधवराव को उनकी मां ने माधवी राजे का केवल फोटो दिखाया था।
- माधवराव सिंधिया की शादी नेपाल के राणा खानदान में हुई है और उस समय उनके लिए लड़की पसंद करने का काम राजमाता विजयाराजे सिंधिया ने किया था।
- शादी के पहले माधवराव को नेपाल के शाही खानदान से जुड़ी कई लड़कियों की फोटो दिखाई। उन्होंने सभी को नकार दिया।
- जैसे ही किरण राज्यलक्ष्मी का फोटो सामने आया, वैसे ही माधवराव ने तुरंत हां कर दी।
- उन्हें लड़की वालों ने लड़की दिखाने से मना कर दिया तो माधवराव ने मजाक में कहा कि आप लोग शायद उन्हें नेपाल की महारानी बनाना चाहते हो।
- शादी से पहले माधवी राजे का नाम किरण राज्यलक्ष्मी था। शादी के बाद राजमाता विजयाराजे सिंधिया ने उनका नाम सिंधिया राजवंश के अनुसार कर दिया।
- बताते हैं कि 50 साल पहले जयविलास पैलेस तक रेल लाइन बिछी हुई थी। माधवराव सिंधिया की बारात के लिए एक स्पेशल ट्रेन का इंतजाम किया गया।
- 8 बोगी वाली यह ट्रेन पैलेस तक आई और करीब 150 रॉयल बाराती इसमें सवार होकर दिल्ली तक गए।
- माधवराव की शादी नेपाल के राणा खानदान ने दिल्ली आकर की थी। उनकी शादी में देश की सभी प्रिंसली स्टेट के लोग शामिल हुए थे।
ये विवाद तब शुरू हुआ था जब माधवराव ने कांग्रेस ज्वॉइन कर ली थी और विजयाराजे जनसंघ में थी।
- दरअसल पहले विजयाराजे भी कांग्रेस में ही थी लेकिन इंदिरा गांधी के राजघरानों का प्रीवी पर्स खत्म करने के बाद मतभेद हो गए थे।
- विजयाराजे सिंधिया ने कहा था कि इमरजेंसी के दौरान उनके बेटे के सामने पुलिस ने उन्हें लाठियों से मारा था।
- उनका आरोप था कि माधवराव सिंधिया ने ही उन्हें अरेस्ट करावाया था। इस वजह से दोनों के बीच रिश्ते खराब हो गए थे।
- उन्होंने अपने बेटे से ग्वालियर के जयविलास पैलेस में रहने के लिए किराया भी मांग लिया था। विजयाराजे से माधवराव सिंधिया ने एक साल का किराया मांगा था।

Post a Comment