गंदगी के बीच ऐसे बनाई जा रही थी दिवाली की मिठाई, फोटो देखेंगे तो खाना छोड़ देंगे
फेस्टिवल सीजन में खराब मिठाइयां लोगों की सेहत बिगाड़ सकती है, ऐसा करने वालों के खिलाफ अब देशभर में हेल्थ डिपार्टमेंट ने टीमें तैयार की हैं। वहीं, फूड एंड सेफ्टी डिपार्टमेंट की ओर से रोजाना मिठाई बनाने वाली फैक्ट्रीज, डेयरी और दुकानों पर रेड की जा रही है। इन जगहों पर मिठाइयां और उनको बनाने का सामान खराब स्थिती में मिल रहा है। इसके बाद उन लोगों पर तुरंत एक्शन भी लिया जा रहा है। इन दिनों मिठाई की ज्यादा खपत होने के कारण लोग मिलावटी मिठाई बनाने लगते हैं।
स्टैंडर्ड के मुताबिक खोवा यानी मावा में 70 फीसदी से ज्यादा मिल्क फैट का होना जरुरी होता है।
- मावा में मिलावट है या नहीं इसके लिए सैम्पल लिया जाता है और इसको मशीन में डाला जाता है, इसके बाद मशीन फैट बताती है।
- वहीं पनीर और दूध की जांच भी ऐसी होती है। इसके अलावा मिठाई में खतरनाक रंगों और केमिकल की मिलावट की आशंका पर जांच की जा सकती है।
- मिठाई खराब है या नहीं, मिठाई बनाते वक्त इसमें कोई कीड़ा तो नहीं गिर गया, इसकी जांच भी की जा सकती है।
- मिठाई में मिलावट पाए जाने पर आरोपी पर पांच लाख रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है, खराब मिठाई बेचने या उसमें किसी तरह का कीड़ा वगैरह पाए जाने पर मिठाई को डिस्ट्रॉय करने और सजा का भी कानून है।
यूरिया : दूध में दो मिली यूरिया रिजेंट डालें और दोनों को अच्छी तरह मिलाएं, पीला रंग दिखाई दे तो यूरिया की मिलावट है।
अमोनिया : दूध में अमोनिया रिजेंट मिलाएं, रंग भूरा हो जाए तो दूध में अमोनिया फर्टिलाइजर मिलाया है।
स्टार्च : दूध उबालें, ठंडा होने पर इसमें स्टार्च की कुछ बूंदें डालें, नीला रंग हो तो फर्टिलाइजर है।
ग्लूकोज : ग्लूकोज रिजेंट केमिल डालें। तीन मिनट तक इसे उबलते पानी में रहने दें। ठंडा होने पर मिलीमीटर ग्लूकोज रिजेंट मिलाएं। गहरा नीला रंग हुआ तो ग्लूकोज है।
पंचकूला में की गई रेड में फूड डिपार्टमेंट हरियाणा के ज्वाॅइंट कमिश्नर डीके शर्मा, अाॅफिसर सुभाष चंद्र, असिस्टेंट ड्रग कंट्रोलर मनमोहन तनेजा और ड्रग कंट्रोलर आदर्श गोयल थे।
- फूड एंड सेफ्टी ऑफिसर सुभाष चंद्र ने बताया कि गुरु डेयरी, बेक एंड बेकर और इंडस्ट्रियल एरिया में अनुपम स्वीट्स की फैक्टरी में छापेमारी की गई। यहां मिठाइयाें में खराबी और चासनी भी खराब मिली थी, जिन्हें नष्ट करवाया गया है।
- फूड सेफ्टी ऑफिसर सुभाष ने बताया कि इन सभी के सैम्पल क्लेक्ट किए गए है, जांच के लिए लैब भेजा जाएगा।
- इसके बाद 15 दिन तक इन सभी सैम्पल की रिपोर्ट जाएगी, इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- पिछले कुछ महीने पहले भी विभाग की ओर से छापेमारी कर सैम्पल क्लेक्ट किए गए थे, इनमें से अभी आधा दर्जन से ज्यादा सैम्पल की रिपोर्ट आनी बाकी हैं।

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