मछुआरे के घर में ही था अरबों का खजाना, 10 साल यूं पड़ा था पलंग के नीचे
जिसे साधारण समझ मछुआरे ने अपने पलंग के नीचे फेंक किया था, वो असल में अरबों रुपए का पत्थर था।
अक्टूबर महीने के दूसरे मंडे को यानी आज, वर्ल्ड कोलंबस डे के तौर पर सेलिब्रेट किया जाता है। कोलंबस इटली के महान खोजी थे, जिन्होंने अमेरिका के रूट की खोज की थी।
दुनिया में ऐसे कई लोग हैं, जिन्होंने जाने-अनजाने कई तरह की खोज कर डाली। तो कुछ ऐसे भी लोग हैं, जिनकी आंखों के सामने कीमती खजाना पड़ा था और उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी।
ऐसा ही एक मामला पिछले साल फिलिपींस से सामने आया था। लकड़ी के घर में पड़ा था अरबों का खजाना...
फिलिपींस के पलावन आइलैंड में रहने वाले एक मछुआरे को 34 किलो का एक पत्थर समुद्र से मिला था, जिसे उसने 10 साल पलंग के नीचे रखा।
सफेद रंग का ये पत्थर देखने में चमकीला था। मछुआरे ने इसे अपने लकड़ी के छोटे से घर में पलंग के नीचे गुड लक चार्म समझ रख दिया था।
उसे अंदाजा भी नहीं था कि जिसे वो मात्र एक साधारण पत्थर समझ रहा है, वो एक बेशकीमती चीज है, जिसकी कीमत अरबों रुपए है।
पत्थर ने बचाई थी मछुआरे की जान
2006 में जब ये मछुआरा समुद्र में मछलियां पकड़ने गया था, तो वहां वो अचानक आए समुद्री तूफान में फंस गया। उसकी जान एक पत्थर के कारण बच पाई। इस पत्थर से टिक कर शख्स ने तूफान के गुजरने का इंतजार किया।
जब तूफान थम गया तो उसने पत्थर को देखा। वो सफेद रंग का खूबसूरत पत्थर था जो 34 किलो का था और करीब दो फुट लंबा का था।
शख्स को दिखने में ये काफी खूबसूरत लगा और उसकी वजह से ही शख्स की जान भी बची, इसलिए वो उसे गुड लक चार्म समझ अपने घर ले आया।
इसके अगले 10 साल तक उसने पत्थर को अपने पलंग के नीचे रखा।
पिछले साल जब मछुआरे के घर में आग लगी, तब उसने पत्थर को पलंग के नीचे से निकाला।
तभी एक टूरिस्ट ऑफिसर, एलीन सिंथिया मगैय , जो मछुआरे की रिश्तेदार भी हैं, की नजर इस पत्थर पर पड़ी और उसने मछुआरे को बताया कि ये कोई साधारण पत्थर नहीं है।
ये दरअसल, अभी तक मिली सबसे बड़ी मोती थी। इसकी कीमत करीब 6 अरब 53 करोड़ रुपए आंकी गई थी।
मछुआरे को अंदाजा भी नहीं था कि जिसे वो मात्र एक साधारण पत्थर समझ रहा था, उसकी कीमत अरबों में थी।


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