पाकिस्तान में है दुनिया का सबसे खतरनाक पुल, हर कदम पर होता है खतरा
एक तरफ दुनिया सुपरसोनिक जेट और बुलेट ट्रेन की तरफ बढ़ रही है, वहीं पाकिस्तान में लोगों को बेसिक सुविधाएं तक नहीं हैं।
पाकिस्तान बनने के दशकों बाद भी वहां के लोगों को सड़क, बिजली, पेयजल जैसी सुविधाआें के लिए तरसना पड़ता है। पाकिस्तान द्वारा अवैध रूप से कब्जा किए गए जम्मू-कश्मीर के हिस्से में तो हालात और भी खराब हैं।
इसी गिलगित-बाल्टिस्तान क्षेत्र में दुनिया का सबसे खतरनाक पुल भी है, जिसे पुल कहना पुलों का मजाक उड़ाना ही होगा।
-हुसैनी सस्पेंशन ब्रिज नामक यह खतरनाक पुल अपर हुंजा एरिया में बोरित लेक के ऊपर बना है। यह लोहे की केबल्स के साथ लकड़ी के पटिए जोड़कर बनाया गया है।
-यह जराबाद और हुसैनी गांव को जोड़ता है। 1960 में पाकिस्तान के तत्कालीन राष्ट्रपति अयूब खान जराबाद में शिकार खेलने आए थे। तब उन्होंने यहां सस्पेंशन ब्रिज बनाने का आदेश दिया था। हालांकि उनके आदेश के बाद भी ब्रिज 1967-68 तक ही बन पाया।
-लोहे की केबल्स तानकर और उस पर लकड़ी के फट्टे लगाकर बनाया गया यह ब्रिज वास्तव में किसी टेम्पररी पुल की तरह ही था। 2011 के भूस्खलन में यह पुल भी नष्ट हो गया था। उसके बाद उसकी बगल में वैसा ही सस्पेंशन ब्रिज बनाया गया।
-पहले वाले पुल की तरह नया पुल भी काफी खतरनाक है। इसमें दो लकड़ी के पटियों के बीच गैप भी काफी ज्यादा है। तेज हवाएं इस पुल को हिलाती रहती हैं। यानी जरा भी ध्यान बंटा, तो सीधे नीचे लेक में गिरने का खतरा होता है।
-इस खतरे के बावजूद गांव के लोग रोजाना इस पुल का इस्तेमाल करते हैं। महिलाएं जहां भारी बोझ लेकर पुल पार करती हैं, वहीं कई बच्चों को स्कूल जाने-आने के लिए दिन में दो बार इस पुल से गुजरना पड़ता है।

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