कभी नदी तो कभी पार करते हैं पहाड़, पढ़ने के लिए बच्चे उठाते हैं इतनी खतरे
एक इंसान के जीवन में पढ़ाई बहुत बड़ी भूमिका निभाती है। ऐसा कहा जाता है कि चाहे जिंदगी में कुछ रहे या न रहे, ज्ञान हमेशा साथ रहता है और यही इंसान को आगे लेकर जाता है। कई देशों में बच्चों के पढ़ने के लिए उचित सुविधाए नहीं हैं, लेकिन फिर भी वे खतरों और मुसीबतों का सामने करते हुए स्कूल पहुंचते हैं। मां-बाप भी बच्चों का भविष्य बनाने के लिए तमाम खतरों के बावजूद उन्हें स्कूल भेजते हैं। आगे देखिए विभिन्न देशों की कुछ फोटोज, जिनमें बच्चे स्कूल तक का सफर तय करने के लिए क्या-क्या कर रहे हैं।
नेपाल की राष्ट्रीय जनगणना 2011 के अनुसार वहां 66% बच्चे ही पढ़ाई शुरू कर पाते हैं और बाकी 34% तो स्कूल का चेहरा भी नहीं देख पाते। लेकिन 2011 के बाद नेपाल ने कई नए कदम उठाए, ताकि उसकी साक्षरता दर बढ़े और उनका फायदा अब नजर आने लगा है। जैसा आप पिक्चर में देख रहे हैं, स्कूल तक पहुंचने के लिए बच्चियां रस्सी की मदद से नदी को पार कर रही हैं।
अफगानिस्तान में सेना और आतंकियों के संघर्ष वाले इलाके से होते हुए ये बच्चा स्कूल जा रहा है। वहां सिर्फ 67 प्रतिशत बच्चों को ही पढ़ाई करने का मौका मिलता है।
चीन में बच्चे खतरनाक पहाड़ी वाले रास्ते से होकर स्कूल की तरफ जा रहे हैं।
कोलंबिया की रिओ नीग्रो नदी के ऊपर से लड़की रस्सी की मदद से अपनी जिन्दगी खतरे में डालकर स्कूल जा रही है।
मिस्र की राजधानी काहिरा में बच्चे स्कूल की छुट्टी होने के बाद घर जा रहे हैं। ऐसे लटककर जाने से एक्सीडेंट होने का खतरा भी रहता है। वहां पर 25% बच्चों को स्कूल देखने का मौका भी नहीं मिलता।
इंडोनेशिया में बच्चे बोट की छत पर खड़े होकर पलेमबांग स्थित स्कूल तक का सफर तय कर रहे हैं।
फिलीपीन्स में बाढ़ आने के बाद स्कूल में पानी भर गया लेकिन फिर भी बच्चे यूनिफार्म पहन कर कुर्सियों की मदद से क्लास के अंदर जा रहे हैं।
सऊदी अरब में फिसलन भरी जगह से गुजरते हुए बच्चे स्कूल में पढ़ने जा रहे हैं।
श्रीलंका में जान हथेली पर रख कर ये बहादुर बच्चे 2 दीवारों के बीच लकड़ी रख कर स्कूल की ओर जा रहे हैं।

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