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दुनिया के सबसे बड़े वॉर के वक्त , ऐसे होती थी जंग की तैयारी



.सेकंड वर्ल्ड वॉर में अमेरिका ने जिस ताकत से अपने दुश्मन देशों का सामना किया उसकी यादें आज भी लोगों के जेहन में ताजा हैं। इस युद्ध के बाद ही अमेरिका दुनिया के सामने एक सुपरपॉवर के तौर पर उभरा था। उस दौर की कुछ कलर्ड फोटोज सामने आई हैं। इन फोटोज में अमेरिकी सैनिक युद्ध की तैयारियों में जुटे दिखाई दे रहे हैं।

टेक्सास एयर बेस पर ली गईं इन फोटोज को मशहूर वॉर फोटोग्राफर हॉवर्ड हौलेम ने क्लिक किया था। अमेरिकी वॉर एजेंसी इन फोटोज को पूरे अमेरिका में देशभक्ति जगाने के लिए प्रोपैगेंडा पोस्टर्स के तौर पर यूज करती थीं। ऐसे होती थी वॉर की तैयारी....


- 1942 में मशहूर वॉर फोटोग्राफर हॉवर्ड हौलेम ने ‘नेवल एयर स्टेशन कॉर्पस चिस्ती’ पर जंग की तैयारी कर रहे सैनिकों की फोटोज ली थीं।


- इन फोटोज में पुरूष और महिला सैनिकों के साथ वर्कर्स को एयरप्लेन और मशीन-गन यूज करते दिखाया गया।


- इसके अलावा सैनिकों को केमिकल वॉरफेयर से बचाने वाले मास्क का इस्तेमाल करते भी दिखाया गया।


- न्यूज एजेंसी ‘ऑफिस ऑफ वॉर इन्फॉर्मेशन’ के लिए काम करने वाले हॉवर्ड ने फोटोज में जंग की तैयारी करते महिला-पुरुषों को शामिल किया था।


- न्यूज एजेंसी का मकसद इन फोटोज को प्रोपैगेंडा पोस्टर के तौर पर इस्तेमाल करने का था।
- युद्ध के दौरान लोगों में देशभक्ति की भावना जगाने के लिए अमेरिका के तत्कालीन प्रेसिडेंट फ्रैंकलिन डी रूसावेल्ट ने इस एजेंसी को शुरू किया था।


- 1942 के दौर में कलर्ड फोटोग्राफ का चलन कम होने के बावजूद हॉवर्ड ने इन फोटोज को कोडाक्रोम फिल्म में शूट किया।


- उस दौर में कलर्ड फोटोग्राफ टेक्नोलॉजी नई होने की वजह से सैनिकों को काफी देर तक फोटो के लिए पोज करना पड़ता था।



अमेरिकी सरकार 1930 की शुरूआत में ही टेक्सास में ये बेस बनाना चाहती थी, लेकिन उस वक्त सरकार को इस एयर बेस की जरूरत नहीं पड़ी।


- हालांकि, 1940 में जंग के खतरे का अंदाजा लगते ही अमेरिकी सरकार ने इस एयर-बेस को बनाने की मंजूरी दे दी थी।


- यूएस नेवी ने 1941 में इस स्टेशन पर एयर ट्रेनिंग फेसिलिटी बनाने का फैसला लिया था।


- इस दौरान कैडेट्स को ट्रेनिंग देने के लिए स्टेशन पर 800 फ्लाइट इंस्ट्रक्टर लाए गए थे। ये हर महीने 300 कैडेट्स को ट्रेनिंग देते थे।


- वॉर खत्म होते-होते बेस से करीब 35 हजार कैडेट्स प्लेन उड़ाने की ट्रेनिंग ले चुके थे। इन कैडेट्स में अमेरिका के फ्यूचर प्रेसिडेंट जॉर्ज बुश भी शामिल थे।