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टॉर्चर से 5th के स्टूडेंट का सुसाइड, जेल का गेट देख 'जालिम' टीचर बेहोश



यूपी के गोरखपुर में 20 सितंबर को सेंट एंथोनी स्कूल में फिफ्थ  क्लास में पढ़ने वाले बच्चे नवनीत के सुसाइड का मामला सामने आया था। उसने एक सुसाइड नोट भी लिखा था जिसमें उसने क्लास टीचर पर टॉर्चर करने के आरोप लगाए थे। कोर्ट ने जब क्लास टीचर भावना राय को स्टूडेंट नवनीत प्रकाश की मौत के मामले में दोषी मानते हुए जेल भेजने का आदेश दिया, तो वो सहम गईं। शाम को जब उन्हें जेल ले जाया गया, तब एंट्री प्वॉइंट पर बेहोश होकर गिर गईं। उसने बताया कि वो साढ़े सात महीने की प्रेग्नेंट है।


 यहां उसके परिजन पहले से ही उसकी दवा का पर्चा लेकर मौजूद थे। इससे पहले उन्होंने कोर्ट में यही पर्चा दिखाकर उसे जमानत पर रिहा कराए जाने की गुजारिश जज से की थी। लेकिन जज ने भावना को 14 दिन की ज्युडिशियल कस्टडी में जेल भेजे जाने का फरमान सुनाया था।


- भावना राय को डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल ले जाया गया। यहां परिजनों द्वारा कोशिश की गई कि डॉक्टर उसे एडमिट कर लें, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इलाज के बाद फिर से उसे उसी रात जेल ले जाया गया और सामान्य महिला कैदी बैरक में रखा गया।


 अस्पताल से जेल पहुंचने में देर हो जाने के चलते 21 की रात उसे जेल का खाना नहीं मिल सका।


- सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, फोम के बिस्तर पर सोने वाली भावना को बैरक की जमीन रास नहीं आई। वो रात भर जागकर रोती रही।


- सुबह के टाइम वो तब सोई जब जेल मैनुअल के अनुसार उसे जागना था। उसे पूरे बैरक में झाड़ू लगाना पड़ा और नाली साफ करनी पड़ी।



सूत्रों के मुताबिक, आम कैदियों को नाश्ते में सुबह जो मिलता है वही भावना को भी दिया गया। पेट भरने के लिए उसने मजबूरी में खाया।

- इसी बैरक में बीआरडी ऑक्सीजन कांड की त्रासदी में आरोपित बीआरडी मेडिकल कॉलेज के निलंबित प्राचार्य डॉ राजीव मिश्रा की पत्नी डॉ पूर्णिमा शुक्ला को भी रखा गया है।



उधर, दूसरी तरफ स्टूडेंट नवनीत प्रकाश की मौत का कारण पोस्टमॉर्टम में स्पष्ट नहीं हो सका। दो डॉक्टरों द्वारा सीसीटीवी कैमरे की जद में हुए पोस्टमॉर्टम के बाद कलेक्ट बिसरे को शाहपुर के इंस्पेक्टर घनश्याम तिवारी ने जांच के लिए ऍफएसएल (फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) लखनऊ भेज दिया।


- इंस्पेक्टर के मुताबिक, घर में जांच के दौरान स्टूडेंट के टेबल पर एक गिलास के अतिरिक्त अब तक कुछ नहीं मिला है। सुसाइड नोट पहले ही परिजनों को मिल चुका था, जो उन्होंने पुलिस को सौंप दिया था।


 नवनीत सेंट एंथोनी कॉन्वेंट स्कूल में fifth क्लास में पढ़ता था। 15 सितंबर को उसने स्कूल से लौटने के बाद जहरीला पदार्थ खा लिया। इलाज के लिए उसे हॉस्पिटल ले जाया गया। पांच दिन बाद बुधवार देर शाम उसकी मौत हो गई।

- बॉडी लेकर घर लौटे पेरेंट्स को नवनीत की स्टडी टेबल पर उसका सुसाइड नोट मिला। इसमें उसने स्कूल के दो टीचर्स पर टॉर्चर करने के आरोप लगाए हैं।

सुसाइड नोट में नवनीत ने लिखा है, “15 सितंबर को मेरा पहला एग्जाम था, मेरी मैम (क्लास टीचर) ने मुझे बहुत रुलाया। मुझे खड़ा रखा, क्योंकि वो चापलूसों की बात सुनती हैं। उनकी किसी बात का विश्वास मत करिएगा। कल उन्होंने मुझे 3 पीरियड तक खड़ा रखा था। आज मैंने ये सोच लिया है कि मैं मरने वाला हूं। मेरी आखिरी इच्छा है कि मेरी मैम किसी बच्चे को इतनी बड़ी सजा न दें।''

- “अलविदा! पापा-मम्मी और दीदी।''