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PM की सभा में उड़ा इस लड़की का मजाक, पीठ पर ऐसे लादकर ले गया भाई


पीएम नरेंद्र मोदी दो द‍िवसीय दौरे पर वाराणसी पहुंचे थे। दौरे के दूसरे द‍िन शन‍िवार को उन्होंने शहंशापुर में गरीबों को प्रधानमंत्री आवासीय योजना का प्रमाण पत्र दिया। जनसभा में ७००, से ज्यादा लाभार्थियों को बुलाया गया था। स्पीच खत्म करने के बाद पीएम जैसे ही वहां से निकले तो ड्यूटी में लगे पुलिसकर्मी समेत अन्य डिपार्टमेंट के लोग भी चलते बने। इसी भीड़ में विनोद पटेल नाम का एक शख्स अपनी दिव्यांग बहन लक्ष्मीना को पीठ पर लादकर कई किलोमीटर साधन के लिए चक्कर काटता रहा। हमारी टीम  से बातचीत में व‍िनोद ने कहा, ''सुबह लाभार्थी बताकर बस में बि‍ठाकर पहाड़िया से लाया गया था। मेरी बहन बचपन से चल नहीं सकती। आज उम्मीद थी कि उसके लिए सपनों का घर मिल जाएगा। न घर म‍िला और न ही इज्जत, बल्क‍ि द‍िव्यांगता का मजाक उड़ाया गया।



-विनोद ने बताया, ''मैं मजदूरी करता हूं। परिवार में पत्नी अंजू के अलावा मां-बाप और भाई-बहन सभी हैं। मैंने कुछ दिनों पहले प्रधानमंत्री आवासीय योजना का फॉर्म भरा था। कुछ स्थानीय नेता शुक्रवार शाम को घर आए और बोले क‍ि शहंशापुर चलना है, तुम्हारा भी नाम लिस्ट में है। लेक‍िन यहां आने पर घर म‍िलने की बात तो दूर, इज्जत-सम्मान भी नहीं म‍िला। एक व्हीलचेयर तक सभा स्थल पर नहीं था।''


-वहीं, लक्ष्मीना ने बताया, ''मुझे आज लगा क‍ि विकलांगता को क्यों अभिशाप कहा जाता है। भईया साधन के लिए मुझे पीठ पर लादकर भीड़ में ठोकरे खाते रहे, लेक‍िन किसी ने मदद तक नहीं किया। सैकड़ों गाड़ियां सभा स्थल तक आई थी, लेक‍िन दिव्यांगों के लिए क्यों नहीं व्यवस्था किया गया। मुझे उनका भाषण सुनना बहुत अच्छा लगा, लेक‍िन उनकी सोच की तरह नेताओं और कर्मचार‍ियों की सोच नहीं बदल रही है।''