'जूली 2' की एक्ट्रेस बोली, ऑडियंस को लगेगा मैं नेकेड हूं लेकिन मैंने कपड़े पहने हैं
साउथ फिल्म इंडस्ट्री की जानी मानी एक्ट्रेस राय लक्ष्मी जल्द ही 'जूली 2' से बॉलीवुड में डेब्यू करने जा रही हैं। फिल्म के साथ ही उनकी पर्सनल लाइफ को लेकर आरजे आलोक ने उनके साथ एक्सक्लूसिव बातचीत की।
इस दौरान उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री की सच्चाई, कॉम्पिटीशन और एमएस धोनी से लेकर कई चीजों पर बातचीत की। पेश है प्रमुख अंश।
इंडस्ट्री की सच्चाई...
वैसे कास्टिंग काउच का जब भी जिक्र होता है तो फिल्म स्टार्स का ही नाम आता है, जबकि ये वाकया हर लड़की के साथ अलग अलग जगहों पर होता है।
ये सब उस लड़की के ऊपर डिपेंड करता है कि वो क्या चाहती है। इंडस्ट्री में जो भी होता है, कॉमन होता है। सबका टॉपिक एक ही होता है, बस अप्रोच अलग होती है।
दीपक जी ने जो भी कहानी लिखी है एकदम सटीक और रियल है। दीपक जी ने बहुत ही उम्दा शूट किया है। ऑडियंस को लगेगा कि मैं नंगी हूं, लेकिन मैंने कपड़े पहने हुए हैं, शूटिंग बहुत ही बढ़िया की गई है।
जब मुझे जूली के बारे में मेरे कैमरामैन रेड्डी सर ने बताया तो मैं उस वक्त सिंगापुर में थी। उस समय मैंने कहानी के बारे में पूछा। फिल्म का नाम आते ही मुझे नेहा धूपिया की याद आ गई लेकिन मैंने कहानी सुनना प्रिफर किया।
फिर वापस आकर दीपक जी (डायरेक्टर) से मुलाकात की। दीपक जी ने मेरे बारे में रिसर्च कर रखी थी। हालांकि उन्होंने मेरी कोई भी फिल्म देखी नहीं थी। दीपक जी ने कहानी सुनाने से पहले ही तय कर लिया था कि मैं उनकी फिल्म कर रही हूं।
उनके कहानी सुनाने का ढंग मुझे बेहद पसंद आया। जूली की कहानी मुझे खुद की कहानी लग रही थी। फिल्म को मैं फील कर पा रही थी। फिर मैं घर गई और खुद से पूछा कि क्या मुझे ये बोल्ड फिल्म करनी चाहिए? आजकल दर्शक भी रियल स्टोरीज पसंद करते हैं। मैंने सोचा की इस फिल्म में मैसेज है।
जूली का नाम जुड़ा है धोनी से, मेरा नाम नहीं। मुझे पता नहीं जूली उसके साथ क्या कर रही है। ये बातें बहुत पहले फुलस्टॉप हो चुकी थीं। मुझे इसके बारे में बिल्कुल बात नहीं करनी। पता नहीं मीडिया इसके बारे में इतनी बात क्यों कर रहा है।
शायद मैं मीडिया को ज्यादा मसाला न्यूज नहीं दे पा रही हूं। लोग हिस्ट्री निकाल के बातें कर रहे हैं। मुझे बहुत उलझन होती है जब लोग धोनी का टॉपिक लेकर आते हैं। मेरी फिल्म के बारे में बात करिए। बीते हुए कल की बोरिंग बातें ना करें।
मैं खुद को लकी समझती हूं कि मुझे इंडस्ट्री में काम जल्दी मिला, मुझे अंकल जी ने इंट्रोड्यूस किया। उसके बाद स्ट्रगल शुरू हो गया। सबका कहना था कि एक ही रास्ता लो, नहीं तो वहां से निकलो। कुछ लोग हैं, जो आपके काम को सराहते हैं।
मैंने कई फिल्में कीं और जिस तरह की फिल्में करनी थीं, वो मिल नहीं रही थीं। एक पल ऐसा भी आया जब काम नहीं था। मैं घर पर बैठना भी गलत नहीं समझती थी। करीब 8 महीने मैं घर पर बैठी रही। वो फेज बहुत बुरा था।
मेरी सिस्टर ने मेरा कॉन्फिडेंस बढ़ाया। उसने कहा कि मैं कुछ भी कर सकती हूं। मैंने स्कूल में बॉस्केटबाल, खो-खो, कबड्डी, हाई जंप जैसे गेम खेले हैं। मैं अगर फिल्मों में नहीं होती तो स्पोर्ट्स में जरूर होती।
काफी सोचने के बाद मुझे एक चाय की ऐड फिल्म मिली। उसके बाद जीवा नाम के डायरेक्टर ने मुझे चुना। हालांकि कई लोगों ने उनके कान भरे, लेकिन उन्होंने मुझे अपनी फिल्म में लिया।
मेरी आंखें भर आईं क्योंकि काफी समय बाद किसी ने मुझ पर भरोसा दिखाया था। अब जीवा सर तो नहीं हैं लेकिन उनके बारे में सोचकर मैं अक्सर रोती हूं। इंडस्ट्री में अच्छे लोग भी हैं।
मैं किसी के कॉम्पिटिशन के लायक नहीं हूं। मैं अपने काम से ही कॉम्पिटिशन करती हूं। जितनी फिल्में आजकल बनती हैं उन्हें देखकर लगता है
कि एक दिन ऐसा आएगा कि दिनभर में एक से ज्यादा फिल्में रिलीज होंगी। आजकल कंटेंट इम्पोर्टेन्ट है। शेफ और अक्सर 2 भी एक ही दिन आ रही हैं।
कौन खान्स (आमिर खान, सलमान खान, शाहरुख खान) के साथ काम नहीं करना चाहेगा। मेरे सब फेवरेट हैं। स्कूल में मुझे शाहरुख का काम पसंद था, थोड़ी बड़ी होने पर सलमान खान की फिल्में अच्छी लगने लगीं।
फिर आमिर की फिल्में देखकर बहुत ज्यादा रिस्पेक्ट आने लगा। इन सभी ने बहुत मेहनत की है और आज स्टार हैं। सबकी अपनी जर्नी रही है। देखते हैं मेरी तकदीर मुझे कहां ले जाती है।


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