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गीजर रिपेयर करने वाले ने 300 रुपए के लिए कर दी हत्या


पहले तकिए से शीतल का मुंह दबाया, फिर लेपटॉप के वायर से गला दबा दिया, 1200 रुपए लेकर चम्पत हो गया।

गीजर रिपेयर करने वाले युवक ने अतिरिक्त 300 रुपए की मांग की, जो पूरी न होने पर उसने आवेश में आकर शीतल देसाई की जघन्य हत्या कर दी। इस हत्या का सनसनीखेज खुलासा नवसारी पुलिस ने किया। इस मामले में नौकरानी का बयान महत्वपूर्ण साबित हुआ।8 दिनों बाद हुआ हत्या का खुलासा…

पुलिस अधीक्षक एम.एस.भराडा ने शीतल हत्या केस के संबंध मं यह खुलासा किया कि 12 जुलाई को गीजर रिपेयर करने के लिए स्वामीनारायण मंदिर के पीछे रहने वाला जयेश बाबूभाई हडपति गैस गीजर रिपेरिंग करने वाले दिनेश भाई की दुकान से शीतल के घर गया था। 11 बजे जब वह शीतल के घर पहुंचा, तो शीतल ने उसे सबसे पहले बाथरुम के नल को ठीक करवाया। उसके बाद उसने पहले माले पर बारिश के पानी की निकासी न होने की जानकारी देते हुए उसका पाइप बदलने के लिए कहा, इस काम के लिए जयेश ने 400 रुपए की मांग की। जब शीतल ने उसे 200 रुपए दिए, तो उसने और 300 रुपए की मांग की।
ना कहने पर तकिए से मुंह दबा दिया

शीतल ने उसे और रुपए देने से इंकार किया, तो जयेश भी उसके पीछे-पीछे उसके बेडरूम तक पहुंच गया, वहां जाकर जयेश ने शीतल को धक्का दे दिया। इससे शीतल बिस्तर पर गिरने के पहले पलंग से टकराई, जिससे उसे आंख के पास चोट लगी। तब जयेश ने उसका मुंह तकिए से दबा दिया। कुछ ही देर में शीतल बेहोश हो गई। शीतल के बेहोश होने के बाद जयेश ने लेपटॉप के वायर से उसका गला दबा दिया। उसके बाद भी उसे लगा कि शीतल अभी भी जिंदा है, तो उसने चाकू और उसके बाद कैंची से उस पर वार किया। इस दौरान पीछे के दरवाजे से काम वाली बाई आ गई, जिससे वह सामने के दरवाजे से बाहर चला गया और वहां से भाग गया। जाते-जाते उसने शीतल के पर्स से करीब 1200 रुपए पर भी हाथ साफ कर दिया।
दरवाजे को हेंडल से बंद कर दिया

शीतल ने काम वाली बाई को पहले से ही कह रखा था कि किसी कमरे का दरवाजा बंद हो, तो उसे नहीं खोलना। वहां सफाई भी नहीं करनी है। इसके अलावा रसाई में भी डाइनिंग टेबल पर पड़े बर्तनों को भी साफ नहीं करना। इससे काम वाली बाई ने घर पर एक घंटे से अधिक काम किया। इस दौरान उसे बेडरूम का दरवाजा नहीं खोला। वह पिछले दरवाजे से आई थी, इधर जयेश आगे के दरवाजे से भाग गया था, जाते-जाते उसने वह दरवाजा हेंडल से बंद कर दिया था।
हत्या के निशान न मिले, इसकी सावधानी बरती

जयेश ने शीतल की हत्या के बाद कैंची के हेंडल पर कपड़ा लपेट दिया था। चाकू से भी निशान मिटाने की कोशिश की थी। उसके बाद वह भाग निकला था। पुलिस को अभी तक शीतल का मोबाइल नहीं मिला है।