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अजीबोगरीब बीमारी की शिकार है यह महिला, 26 की उम्र में लगती है 70 की


अमेरिका के मिनीपोलिस शहर में रहने वाली सारा ग्यूर्ट्स की स्किन लटकी हुई है और उनके पूरे शरीर में झुर्रियां हैं। यह एक सामान्य बात होती, अगर सारा की उम्र 70 साल होती। लेकिन वे फिलहाल महज 26 साल की हैं। डॉक्टरों के मुताबिक, सारा एक रेयर स्किन कंडीशन से पीड़ित हैं। इसे मेडिकल लैंग्वेज में डर्मेटोस्पेरेक्सिस एहलर्स-डैनलॉस सिंड्रोम (ईडीएस) कहा जाता है। अपनी इस स्थिति के बावजूद सारा मॉडल बनना चाहती हैं। यह है उनकी स्टोरी...

-सारा दुनिया के उन 12 ज्ञात लोगों में शामिल हैं, जिन्हें ईडीएस है। इसमें पूरे शरीर पर सिर्फ झुर्रियां ही नहीं होतीं, बल्कि स्किन भी एकदम नर्म हो जाती है। इसके अलावा शरीर के ज्वॉइंट्स और टिश्यु भी कमजोर पड़ जाते हैं और जल्दी टूटने लगते हैं।

-इसका कारण यह है कि इस सिंड्रोम के चलते बॉडी में पर्याप्त कोलेजन नहीं बन पाता। कोलेजन ही वह प्रोटीन है, जो हमारी स्किन को स्ट्रांग बनाता है और इसे लचीलापन देता है। इसकी कमी से ही त्वचा लटकने लगती है।

-सारा की स्किन बहुत ही सॉफ्ट है। उनके चेहरे पर भी हमेशा सूजन जैसी स्थिति होती है और स्किन लटकी दिखती है। इसके अलावा उनकी मसल्स और ज्वॉइंट्स मेंं हमेशा दर्द रहता है। उनकी बीमारी में सिर्फ एक अच्छी बात है कि उनकी हड्डियां जल्दी-जल्दी टूटती नहीं हैं, वरना उन्हें व्हील चेयर पर रहना पड़ता।

-10 वर्ष की उम्र में उनकी यह बीमारी डायग्नोस हुई थी। सारा अपनी स्किन को लेकर बहुत परेशान रहती थीं। स्कूल में जहां उनकी फ्रेंड्स मनचाहे कपड़े पहनती थीं, वहीं सारा को पूरे शरीर को ढंकने वाले ढीले-ढाले कपड़े पहनने पड़ते थे। वे चुस्त कपड़े भी नहीं पहन सकतीं, क्योंकि इससे उनकी त्वचा में दिक्कत होने लगती है।

-आप्रवासी कोरियाई पिता की संतान सारा इस मामले में भाग्यशाली हैं कि उन्हें सपोर्टिव पैरेंट्स और फ्रेंड्स मिले। स्कूल में उन्हें कभी बुलीइंग का सामना नहीं करना पड़ा, हालांकि अपनी कंडीशन को लेकर वे खुद असहज रहती थीं।
ऐसे दूर हुई झिझक

-22 साल की उम्र में सारा का ब्रेकअप हो गया। उसके बाद उन्हें अहसास हुआ अपनी कंडीशन को लेकर हरदम परेशान रहना व्यर्थ है। तब उन्होंने अपनी स्किन को ढंकने-छुपाने की कोशिशें छोड़ दीं और मनचाहे कपड़े पहनने लगीं।

-सारा को ज्वॉइंट पेन होता है। उससे राहत पाने के लिए वे मसाज थैरेपी और एक्युपंक्चर जैसे प्राकृतिक तरीके अपनाती हैं। इसके अलावा वे मेडिकल मारिजुआना भी लेती हैं, लेकिन पेनकिलर्स लेने से बचती हैं।

-सारा खुद को कॉन्फिडेंट महसूस करती हैं। उनका कहना है कि मैंने बेकार ही अपनी स्किन को लेकर कुंठा पाली। उनके आत्मविश्वास में उनकी फ्रेंड ब्रिआना बर्गलुंड का बड़ा योगदान है। फोटोग्राफर ब्रिआना ने उनकी तस्वीरें खींची और उन्हें मॉडलिंग के लिए कोशिश करने प्रोत्साहित किया।

-सारा कहती हैं कि मॉडलिंग के जरिए मैं सोसायटी के स्टैंडर्ड को ध्वस्त करना चाहती हूं। वे कहती हैं कि अब एल्बिनिज्म और विटिलिगो से ग्रस्त मॉडल हैं, प्लस साइज मॉडल और एकदम गहरे रंग वाली मॉडल भी हैं। लेकिन मेरी तरह डिसऑर्डर से ग्रस्त लोग मॉडलिंग में नहीं हैं। मॉडलिंग के जरिए वे अपनी कंडीशन के प्रति अवेयरनेस फैलाना चाहती हैं।