भानगढ़ की भटकती आत्माओं की मुक्ति के लिए ये कदम उठाना चाहते हैं आचार्य धर्मेंद्र
पंचखंड पीठाधीश्वर सनातन धर्म के उपदेशक आचार्य धर्मेंद्र भानगढ़ में आत्माओं की मुक्ति के लिए भागवत करना चाहते हैं। हालांकि, इसके लिए उन्हें राजस्थान की भाजपा सरकार की अनुमति का इंतजार है। उन्होंने कहा कि सरकार ने अनुमति दी तो भानगढ़ में भागवत करेंगे, जिससे आत्माओं की मुक्ति हो सके।
क्या है भानगढ़ की कहानी
- भानगढ़ किला 17वीं शताब्दी में महाराजा माधो सिंह द्वारा बनवाया गया था। किले में डरावनी आत्माओं का वास बताया जाता है।
- इस जगह के भुतहा होने के पीछे एक रहस्यमयी घटना जुड़ी हुई है।
- किसी समय यहां एक तांत्रिक रहता था। वह भानगढ़ की महारानी रत्नावती की सुंदरता पर मोहित हो गया।
- उसने महारानी को अपना बनाने के लिए काले जादू का सहारा लिया, लेकिन वह असफल हुआ।
- महारानी ने तंत्र शक्ति का सहारा लेकर तांत्रिक को मार दिया।
तांत्रिक ने दिया था श्राप
- मरते-मरते तांत्रिक भानगढ़ रियासत को श्राप दे गया कि यहां रहने वाले लोगों की आत्माओं को कभी मुक्ति नहीं मिलेगी।
- उस दिन से इस शहर के उजड़ने की कहानी शुरू हुई, जो शहर के पूरी तरह खत्म होने पर ही रुकी। आज यहां इमारतों के केवल खंडहर बचे हैं।
- यहां के स्थानीय निवासी बताते हैं कि रात के समय इस किले से तरह-तरह की भयानक आवाजें आती हैं।
- उनका तो यह भी कहना है कि आज तक रात के समय जो भी इस किले के अंदर गया वह वापस नही लौटा। भानगढ़ के इस भुतहा... अंधेरे में डर का वर्चस्व चारों तरफ अपनी मौजूदगी
दिखा रहा होता है।


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