पद्मावती के वंशज हैं ये 'राजकुमार', जानें फिल्म के नाम बदलने पर क्या बोले
पद्मावती फिल्म पर हुए विवाद के बाद अब फिल्म का नाम बदल सकता है। सेंसर बोर्ड की आपत्ति के बाद फिल्म पद्मावती फिल्म का नाम बदलने पर विचार चल रहा है। बताया जा रहा है कि फिल्म में दिखाए जाने वाले घूमर गाने में भी बदलाव किए जा सकते हैं।
फिल्म रिव्यू के लिए स्पेशल कमिटी बनाई गई थी। जिसमें उदयपुर के अरविंद सिंह मेवाड़, डॉक्टर चंद्रमनी सिंह और जयपुर युनिवर्सिटी के प्रोफेसर के के सिंह मौजूद थे।
- मेवाड़ राजघराने के राजकुमार लक्ष्यराज ने भास्कर को बताया कि हम इस पहल का स्वागत करते हैं।
- उन्होंने कहा कि मेवाड़ के मान और प्रतिष्ठा को बनाए रखा जाएगा और हम उम्मीद करते हैं कि इतिहास को तोड़मोड़ कर पेश नहीं किया जाएगा। ये नाम बदलने की जो पहल है इसका स्वागत करते हैं।
- बता दें कि चित्तौड़गढ़ से जुड़ा पद्मावती का इतिहास मेवाड़ घराने के अंदर ही आता है। यही कारण है की मेवाड़ राजघराने को राणा रतन सिंह और पद्मावती का वंशज भी कहा जाता है। फिलहाल अरविंद सिंह मेवाड़ इस राजघराने के 76वें संरक्षक हैं। लक्ष्यराज सिंह उनके बेटे हैं।
- लक्ष्यराज का जन्म 28 जनवरी 1985 में हुआ। वे मेवाड़ राजघराने के संरक्षक अरविंद सिंह के बेटे हैं।
- लक्ष्यराज की शुरुआती पढ़ाई अजमेर के मेयो कॉलेज से पूरी हुई, जिसके बाद उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के एक कॉलेज से ग्रैजुएशन पूरा किया और हॉस्पिटेलिटी का कोर्स करने सिंगापुर चले गए।
- पढ़ाई पूरी होने के बाद लक्ष्यराज ने अपना करियर एक वेटर के तौर पर शुरू किया।
- इस दौरान उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के कई होटल्स और कैफे में काम किया। इसके बाद वे उदयपुर लौट आए और अपने फैमिली बिजनेस को आगे बढ़ाने के लिए काम करने लगे।
- अब वे एचआरएच ग्रुप ऑफ होटल्स के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर हैं।
राजपूत करणी सेना इसका विरोध कर रही है। इसकी शुरुआत राजस्थान में शूटिंग के वक्त हुई थी।
सेना का मानना है कि इस फिल्म में पद्मिनी और खिलजी के बीच इंटीमेट सीन फिल्माए जाने से उनकी भावनाओं को ठेस पहुंची है, जिसके चलते काफी समय से इसका विरोध हो रहा है। शूटिंग के वक्त राजपूत करणी सेना ने कई जगह प्रदर्शन किया था और पुतले फूंके थे।
- इसके बाद फिल्म की को 1 दिसंबर को रिलीज करने का ऐलान कर दिया गया। जिसके बाद पूरे देश में भारी विरोध देखने के लिए मिला था। जगह-जगह पुतले जले। पोस्टर फाड़े गए। जिसके बाद पद्मावती फिल्म पर कई राज्यों में बैन लगा दिया गया। आखिर लगातार हो रहे विरोध को देखते हुए फिल्म की रिलीज को टाल दिया गया था।
राजस्थान में करणी सेना, बीजेपी लीडर्स और हिंदूवादी संगठनों ने इतिहास से छेड़छाड़ का आरोप लगाया। राजपूत करणी सेना का मानना है कि इस फिल्म में पद्मिनी और खिलजी के बीच सीन फिल्माए जाने से उनकी भावनाओं को ठेस पहुंची। फिल्म में रानी पद्मावती को भी घूमर नृत्य करते दिखाया गया है। जबकि राजपूत राजघरानों में रानियां घूमर नहीं करती थीं।
- हालांकि, भंसाली साफ कर चुके हैं कि ड्रीम सीक्वेंस फिल्म में है ही नहीं।
पद्मावती चित्तौड़ की महारानी थीं। उन्हें पद्मिनी भी कहा जाता है। वे राजा रतन सिंह की पत्नी थीं। उन्होंने जौहर किया था। उनकी कहानी पर ही संजय लीला भंसाली ने फिल्म बनाई है।

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