घर में पूजा कराते-कराते प्यार कर बैठे पंडितजी, शादी के बाद पहुंच गए यहां
पंडितजी घर पर पूजा करने आते थे, तभी इनसे पहचान हुई। बाद में हमने ग्वालियर मंदिर में जाकर शुक्रवार 17 नवंबर को शादी कर ली। मैं दलित वर्ग से हूं और पंडितजी सवर्ण हैं। बस इसी वजह से घर के लोग नाराज है और वहां से हमें फोन पर धमकी मिल रही है। मेरे पति और मुझे खतरा है अत: हमें सुरक्षा चाहिए ताकि हम सुखपूर्वक जीवन व्यतीत कर सकें। वहीं पंडितजी बोले कि हमने अंतरजातीय विवाह किया है सर हमें आर्थिक सहायता दिलाइए।
- यह बात मंगलवार को शिवपुरी कलेक्टोरेट परिसर में जनसुनवाई के दौरान आंखें नम करते हुए 4 दिन पहले ग्वालियर से आर्यसमाज मंदिर में शादी कर लौटे नव विवाहित जोड़े ने कही। जिस पर कलेक्टर ने आवेदन की जांच की बात कही।
- शहर के जवाहर कॉलोनी में रहने वाले ब्रजेश शर्मा (32 वर्ष) ने बताया कि वह पंडिताई का काम करता है और 21 अक्टूबर 1985 का उसका जन्म हुआ। उसकी पत्नी बालिग है और उसका जन्म 20 जुलाई 1995 को हुआ है।
- दोनों ने अपनी मर्जी से यह शादी ग्वालियर से आर्यसमाज मंदिर में 17 नवंबर को की है। शादी के बाद परिजनों से उसे धमकी मिल रही है,इसलिए हमें जान का खतरा है हमें सुरक्षा दीजिए,वहीं अंतरजातीय विवाह के बाद शासन से मिलने वाली आर्थिक सहायता की मांग भी उसने कलेक्टर से की।
- इस पर कलेक्टर बोले कि आप एसपी के पास जाओ तो वह बोले कि सुरक्षा का आवेदन हम एसपी को दे आए है आप हमें आर्थिक सहायता दिलाने में मदद करो।

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