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दावा '750 किन्नर करते थे पद्मावती की सेवा, उनके साथ ही किया था जौहर'


संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावती का विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस फिल्म को लेकर हर तरफ हो रहे विरोध के बीच किन्नर समाज भी पद्मावती के विरोध में मैदान में उतर आया है। किन्नर समाज का दावा है कि चित्तौडगढ के किले में महारानी पद्मावती के साथ साढ़े सात सौ किन्नरों ने भी जौहर किया था।

- किन्नर समाज की गुरू कांता बुआ ने बताया कि पद्मावती फिल्म के माध्यम से संजय लीला भंसाली हमारी सांस्कृतिक परंपराओं को गलत तरीके से दर्शाने जा रहे है। इस कारण इसका विरोध किया जाना चाहिये। उन्होंने कहा कि यह फिल्म पूरे हिन्दुस्तान का अपमान है। किन्नर समाज इस फिल्म को प्रदर्शित नहीं होने देगा। सभी समाज के साथ मिलकर इसका विरोध किया जाएगा।
- कांता बुआ ने कहा कि हमारी परम्परा के अनुसार घूमर नृत्य कभी इस तरह से खुले में नहीं होता है जैसा कि फिल्म में दर्शाया जा रहा है। हमारा विरोध फिल्म निर्माण से नहीं है। फिल्म निर्माण होना चाहिये, लेकिन हमारी सांस्कृतिक परम्पराओं का गलत तरीके से फिल्मांकन नहीं किया जाना चाहिये।
- इस फिल्म का समर्थन करने वाले कुछ नेताओं और लोगों के बारे में कांता बुआ ने कहा कि ऐसे लोग हमारे पास आ जाए हम उनको पूरा मर्द बना देंगे।

- कांता बुआ ने बताया कि किन्नर समाज महारानी पद्मावती को एक देवी के रूप मानता आया है। महारानी पद्मावती की सेवा में उस समय चित्तौडगढ किले में साढ़े सात सौ किन्नर भी तैनात थे। इन सभी किन्नरों ने महारानी व किले में मौजूद अन्य महिलाओं के साथ जौहर की ज्वाला में कूद अपने प्राण त्याग दिए थे। ऐसे में हमारा दायित्व है कि समस्त किन्नर समाज इस फिल्म का विरोध करे।