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इस महिला ने हिजाब पहन खेला था ओलिंपिक, अब मिला ये सम्मान


सबसे पहले 1959 में पहली बार्बी डॉल बनी थी। तब से अब तक खूबसूरती की मिसाल माने जाने वाली कई बार्बी गर्ल मार्केट में है। बार्बी डॉल की बढ़ती डिमांड को देखते हुए स्लिम और फेयर बार्बी के अलावा भी कैलिफोर्निया की बार्बी डॉल बनाने वाली कंपनी मैटे ने हिजाब पहनी हुई बार्बी को लॉन्च किया है। मेटे ने इस बार्बी को यूनाइटेड स्टेट फेंसिंग टीम की मेंबर इब्तिहाज मोहम्मद के प्रतीक के रूप में बनाया है। कौन हैं इब्तिहाज मोहम्मद?

इब्तिहाज एक ऐसी मुस्लिम महिला के तौर पर जानी जाती हैं, जिन्होंने पहली बार अमेरिका में हुए ओलिंपिक खेलों के दौरान हिजाब पहना था। फिलहाल, मैटे ने दुनिया भर में इंस्पिरेशनल वुमन के रूप में पहचान बनाने वाली महिलाओं की कैटेगरी में इस डॉल को शामिल किया है। वे ये मानते हैं कि इब्तिहाज मोहम्मद एक ऐसी महिला हैं, जिन्होंने अन्य मुस्लिम महिलाओं के सामने आदर्श स्थापित किया है। इब्तिहाज मोहम्मद ने 2016 के ओलिंपिक खेलों में तलवारबाजी में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। मैटे ने न सिर्फ इब्तिहाज मोहम्मद की तरह बार्बी को सफेद हिजाब पहनाया, बल्कि उसके हाथ में तलवार और हेल्मेट भी दिया है।क्या है इस बार्बी डॉल की खासियत?

इस डॉल की बॉडी का शेप ट्रेडिशनल डॉल से डिफरेंट रखते हुए एथलेटिक्स की तरह मस्क्यूलर रखा गया है। इस डॉल को बनाने में इब्तिहाज मोहम्मद ने मैटे की मदद की। उन्होंने डॉल बनाने वाले कर्मचारियों को यह बताया कि हिजाब बांधने का सही तरीका क्या होता है। इस डॉल की स्किन का रंग इब्तिहाज मोहम्मद की तरह डस्की रखा गया है। यहां तक कि उसकी आंखों का मेकअप भी इब्तिहाज की तरह ही है। हिजाब पहनने वाली डॉल को इस साल के ग्लैमर वुमन ऑफ द ईयर समिट 2017 में रखा गया है।