जहर देकर मारे 35 साइबेरियाई परिंदे, इस हालत में पकड़े गए आरोपी
अधिकारियों ने इनके खिलाफ वन्य जंतु अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराने की बात कही है।
झज्जर जिले के गांव मांडोठी में सात समंदर पार से आए 35 साइबेरियन पक्षियों को शिकारियों द्वारा कथित रूप से जहर देकर मारने का मामला सामने आया है। सूचना मिलने पर वाइल्ड लाइफ, फॉरेस्ट विभाग और पुलिस की टीम गांव में पहुंची। वाइल्ड लाइफ विभाग की टीम ने पुलिस और ग्रामीणों की मदद से चार लोगों को हिरासत में लिया और उनसे मारे गए पक्षी भी बरामद कर लिए। देर रात तक अधिकारी उनसे पूछताछ में जुटे हुए थे।
- नेचर कंजर्वेशन फाउंडेशन के सदस्य सोनू ने बताया कि वह खेतों की तरफ गया था तो वहां पानी भरे खेतों से 4 लोग मरे हुए विदेशी पक्षियों को निकाल कर इकट्ठा करते मिले।
- उसने तुरंत गांव में सूचना देकर अन्य ग्रामीणों को बुलाया और उन्हें पकड़ लिया। सभी मरे हुए पक्षियों को उन्होंने एकत्र किया तो उनकी संख्या 35 हो गई।
- उन्होंने बताया कि इन विदेशी परिंदों को पहले जहरीला पदार्थ देकर मारा गया, उसके बाद इन्हें बेचने के लिए आरोपी इकट्ठा कर रहे थे।
- सूचना मिलने पर वाइल्ड लाइफ, फॉरेस्ट विभाग और पुलिस की टीम गांव में पहुंची। वाइल्ड लाइफ विभाग की टीम ने चार लोगों को हिरासत में ले उनसे मारे गए पक्षी भी बरामद कर लिए।
- अधिकारियों ने इनके खिलाफ वन्य जंतु अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराने की बात कही है।
दरअसल सुल्तान बर्ड सैंक्चुअरी के आसपास के इलाके में ठंड के मौसम में हर साल बड़ी संख्या में विदेशी साइबेरियन पक्षी पहुंचते है।
- साइबेरिया में इस समय तापमान गिरकर शून्य से नीचे चला जाता है, जो इन पक्षियों के लिए विपरीत हो जाता है। इससे बचने के लिए साइबेरियन पक्षी भारत में शरण लेते हैं।
- इस समय जिले के विभिन्न जलाशयों में विदेशी पक्षी मौसम का मजा ले रहे हैं, लेकिन शिकारियों ने उनकी सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
वाइल्ड लाइफ की टीम पक्षियों के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए अपने साथ ले गई है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद वह लिखित शिकायत देंगे। उसी आधार पर आगे कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
वाइल्ड लाइन की टीम मौके पर भेजी है। पोस्टमॉर्टम के बाद ही पता चलेगा कि पक्षियों की मौत किस वजह से हुई है। यदि पक्षियों की हत्या की गई है तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में गहनता से जांच की जाएगी।


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