Header Ads

बेटी से 11 साल तक करता रहा बलात्कार, मां बनने के बाद इस तरह हुआ सच्चाई का खुलासा


माता पिता अपने बच्चो के बेहतर जीवन के लिए अपनी तरफ से पूरी कोशिश करते है. चाहे वह केसा भी जीवन बिताये लेकिन अपने बच्चो को वह जीवन में हर ख़ुशी देने का प्रयास करते है.

मंदसौर में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पिता और बेटी के रिश्ते को शर्मशार कर दिया है.

एक निर्दयी पिता अपनी मुंहबोली बेटी से 11 वर्षो तक शोषण करता रहा. पिता का यह भयानक चेहरा उस समय सब के सामने आया जब लड़की ने एक बेटी को जन्म दिया.

जन्म लेनी वाली लड़की को अपना नाम देने के लिए कहा गया तो वह आरोपी ज्यादती करते हुए उसे बच्ची के साथ घर से निकाल दिया.

पीड़ित लड़की ने इस बात की शिकायत एसपी से की. आरोपी के खिलाफ पुलिस ने बलात्कार और जान से मारने की धमकी देने का केस दर्ज कर कारवाही कर रही है.

पुलिस ने बताया पीडित्व लड़की की शिकायत पर गरोड़ा निवासी भगवतीलाल उर्फ बाबू पाटीदार को गिरफ्तार उसके खिलाफ ज्यादती का केस दर्ज किया गया है.

पीड़िता के अनुसार वह मनासा तहसील के बर्डिया की रहने वाली है. भगवतीलाल पाटीदार का आना-जाना लगा रहता था.

 इसी दरमियान उसकी नजर मुझ पर पड़ी थी. आरोपी ने पीड़िता के माता-पिता से पढ़ाई-लिखाई और पालन-पोषण का जिम्मा बेटी की तरह लेने का कहा था.

उस समय पीड़िता की उम्र महज 14 साल की थी. पीड़िता उस समय 8वीं में अध्ययन कर रही थी.

पढ़ाई में अधिक रुचि होने के कारण लेकिन आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने से परिवार वालो ने मुझे उसके साथ जाने दिया था.

आरोपी ने 7 मई 2007 को पीड़िता को मंदसौर के मेघदूतनगर में एक मकान खरीद कर दिया था उसने कहा था की अभी में नाबालिग है

 इसलिए बेटे के नाम पर घर खरीद रहा हूं. लेकिन जब में बालिग हो जाउंगी तो मकान मेरे नाम कर देगा.

पीड़िता ने बताया की 6 महीने तक तो उसने पीड़िता को बेटी की तरह ही रखा था लेकिन अचानक उसकी नीयत मुझ पर बिगड़ गई और उसने मेरे साथ ज्यादती करना शुरू कर दिया.

जब पीड़िता इस बात का विरोध करती तो आरोपी कहता मैं इंटरनेशनल तस्कर हूं. तुझे अफीम के केस में फंसा कर तेरे परिवार को जान से मार दूंगा. वह कई बार राजनेताओं और जज से पहचान होने का डर भी दिखाता था.

पीड़िता ने बताया वह 2015 में वह गर्भवती हुई और उसने 31 मार्च 2016 को एक नर्सिंगहोम में बेटी को जन्म दिया. आरोपी ने पिता के नाम के कॉलम में अपना नाम न लिखाते हुए पंकज नाम लिखवाया.

जब पीड़िता ने बेटी को अपना नाम देने के साथ मकान अपने नाम करने की बात कही तो आरोपी ने उसे घर से निकाल दिया.

पीड़िता अपनी बेटी को लेकर वापस अपने गांव लौट आई जहा उसने अपना दुखड़ा पुलिस को बताया