काले कपड़े पहनकर दिवाली मनाती है ये रॉयल फैमिली, सालों पुरानी है कहानी
देश में कई तरह से दिवाली मनाई जाती है। इस दिन लोग रंगबिरंगे कपड़ों में दिवाली मना रहे होते है, वहीं जयपुर का राजपरिवार काले कपड़े पहनते है। यह किसी शोक का कारण नहीं, बल्कि उनकी सालों से चली आ रही परंपरा है। दरअसल पूर्व राजा सवाई जयसिंह द्वितीय के वंशज हमेशा काले कपड़े पहनकर ही दिवाली मनाते रहे हैं।
- पूर्व राजपरिवार के सदस्यों के मुताबिक दसवीं शताब्दी में कछवाहा के राजा ‘सोध देव’ की मृत्यु के बाद जब उनके भाई ने सिंहासन पर कब्जा जमा लिया, तो परेशान होकर रानी अपने पुत्र ‘दुल्हा राय’ को लेकर राजस्थान के खोह इलाके में आ गईं।
- खोह के राजा चंदा मीना ने रानी को बहन का सम्मान दिया और दुल्हा राय की पढ़ाई का पूरा जिम्मा उठा लिया था। इसके बाद से इसी तरह मनाई जाने लगी दिवाली।
महाराजा सवाई मानसिंह और उनकी पहली पत्नी मरुधर कंवर के बेटे भवानी सिंह की शादी पद्मिनी देवी से हुई थी। उनकी इकलौती बेटी हैं दीया कुमारी।
- दीया कुमारी की शादी नरेंद्र सिंह से हुई। उनके दो बेटे पद्मनाभ सिंह और लक्ष्यराज सिंह हैं और बेटी हैं गौरवी। दीया वर्तमान में जयपुर से बीजेपी विधायक हैं।
- पद्मनाभ सिंह 12 साल की उम्र में रियासत संभालने लगे तो दूसरे बेटे लक्ष्यराज सिंह ने महज 9 साल में यह जिम्मेदारी संभाली।
- महाराजा ब्रिगेडियर भवानी सिंह का कोई बेटा नहीं था। उन्होंने 2002 में अपनी बेटी दीया कुमारी के बेटों को गोद लिया था। भवानी सिंह के निधन के बाद 2011 में उनके वारिस के तौर पर पद्मनाभ सिंह का राजतिलक हुआ था और छोटे बेटे लक्ष्यराज 2013 में गद्दी पर बैठे।
- हालांकि, देश में रजवाड़ों को पूरी तरह से खत्म कर दिया गया है, पर अभी भी राजघरानों में अब भी परंपरा में शामिल राजतिलक की रस्म कर राज्य का वारिसाना हक सिम्बॉलिक तौर पर ट्रांसफर किया जाता है।

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