15 वर्षीय लड़की की अचानक हो गई डिलीवरी, CID की तरह गांव वालो ने खोला ऐसा राज
नवजात शिशु को भारत में आये दिन कोई ना कोई मामला सुनने को मिलता है. नवजात को जन्म दे कर उन्हें कूड़े में फेक दिया जाता है.
आखिर कब तक ऐसे ही नवजात शिशुओं को जन्म देने के बाद इस तरह लावारिस बना कर फेंका जाएगा.
इसी तरह का एक अजीबो गरीब मामला कांकेर में हुआ है. गाँव में कूड़े के ढेर में नवजात शिशु के पाए जाने से पुरे गांव में सनसनी मचा दी.
नवजात शिशु एक लड़का है. गाँव वालों उस नवजात के बारे में उस समय पता चला जॉब बच्चे के रोने की आवाज़ को लोगो ने सुना.
गांव वालो ने मिलकर उस नवजात बच्चे के माता पिता को ढूँढने का मन बनाया. बच्चे के पास ही गांव वालो को कुछ खून के निशान दिखाई दिए.
खून के निशान का सभी व्यक्ति पीछा करते हुए एक घर तक पहुँच. गांव वालो के उस समय होश उड़ गए जब उन्होंने देखा उस घर में 15 साल की एक नाबालिग लड़की की डिलीवरी हुई थी.
लड़की की डिलीवरी होने के बाद बच्चे को बाहर फेंक दिया था. जब गांव वालो ने बच्चे के लिए सवाल जवाब उस परिवार से पूछे तो उन्होंने बच्चे को पहचानने से साफ इंकार कर दिया.
गांव वालो और परिवार के बिच काफी देर बहस चलने के बाद नाबालिग लड़की ने सच बता ही दिया. नाबालिक लड़की ने बताया कि यह बच्चा उसी का है.
नवजात बच्चे को जन्म देने वाली लड़की नाबालिक है. उसकी उम्र महज 15 वर्ष है. लड़की दसवीं कक्षा में अध्ययन कर रही है.
पुलिस ने जब सख्ती से पूछताछ की तो पता चला की नाबालिक लड़की के बच्चे का बाप उसी के गाँव का ही एक युवक है. नवजात बच्चे का पिता आकाश निषाद बताया जा रहा है जिसकी उम्र 25 वर्ष है.
लड़की ने बताया बताया कि आकाश नामक युवक का उनके घर पर अक्सर आना जाना लगा रहता था. दोनों में कई दिनों से आपसी सम्बन्ध बन रहे थे.
जिसके चलते नाबालिक लड़की प्रेगनेंट हो गयी. लेकिन जब लड़की के घरवालों से बात की गई तो उन्होंने कहा इस बात से इंकार कर दिया था की उनकी बेटी प्रेगनेंट है वह इस बात से अनजान थे.
नवजात बच्चे को जन्म देने के बाद कूड़े के ढेर में फेंकने से ठण्ड होने की वजह से वह काफी कमजोर हो गया था.
गाँव वालों ने बच्चे को अस्पताल में एडमिट कराया. फ़िलहाल तो बच्चा चाइल्ड आईसीयू की निगरानी में है.


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