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जॉब के नाम पर इस महिला को भेजा विदेश, अब करवाया जा रहा ये काम


यहां की एक महिला कबूतरबाजों के शिकंजे में फंस गई है। अच्छी सैलेरी की चाह में साउथ अफ्रीका पहुंची महिला को यह नहीं मालूम था कि जो बताया जा रहा है, वहां उससे उलटे हालात मिलेंगे। उसे अच्छी सैलेरी तो दूर खाने तक लाले पड़ रहे हैं। झांसा देकर साथ ले जाने वाले धमकाते हैं आैर खाने के लिए 4-4 दिन पुराना खाना दे रहे हैं। यही नहीं, पासपोर्ट आैर मोबाइल फोन तक कब्जे में ले लिया गया है। महिला ने अफ्रीका से वीडियो भेजकर आपबीती सुनाई है। भास्कर के पास मौजूद है ये वीडियो आैर जान बचाने की गुहार करते एसएमएस।


जौंसगंज इलाके की रहने वाली चंचल सोनी कपड़ों की सिलाई कर अपनी 10 साल की बेटी वंशिका काे पाल रही थी। इसके बाद वह साउथ अफ्रीका के मोजाम्बिक मायोपोथो के सिमांगो शहर पहुंच गई, ताकि वहां से पैसा भेजकर बेटी को अच्छे स्कूल में पढ़ा लिखा सके।

- उसके पड़ोस में रहने वाले ललित और उसकी मां अंगूरी देवी ने चंचल सोनी को यह कहकर अफ्रीका भेजा था कि वहां बेटी-दामाद का अच्छा बिजनेस है आैर उन्हें एक भरोसेमंद भारतीय की जरूरत है। वहां पर काले लोगों पर भरोसा नहीं किया जा सकता। अंगूरी की बेटी वंदना आैर दामाद योगेंद्र सिंह मोजाम्बिक मायोपोथो के सिमांगो में कारोबार करते हैं।


चंचल ने यह भी जानकारी दी कि सिमांगो में जिस फ्लैट में उसे रखा गया है, वहां कुछ दिन पहले ही काले लोगों ने एक भारतीय की बेरहमी से हत्या कर दी थी। रोजाना साढ़े पांच बजे पूरा मार्केट बंद हो जाता है, इसके बाद कोई भी भारतीय बाहर नहीं निकलता है। क्राइम बहुत ज्यादा है, नीग्रो आतंक है। यहां भारतीय सुरक्षित नहीं है, लूट-खसोट का माहौल है। ऐसा सिर्फ मोजाम्बिक के सिमांगो में ही नहीं बल्कि, दूसरे अफ्रीकी देशों में भी यही हाल है।



चंचल ने अपने मकान मालिक दीपक शर्मा के मोबाइल पर वीडियो आैर एसएमएस भेजकर आपबीती सुनाकर मदद की गुहार की है। उसने बताया कि जिस काम के लिए बुलाया गया था, वो नहीं करवाकर रोजाना झाडू-पोंछा आैर बर्तन साफ करवाए जा रहे हैं।


- यही नहीं, खाने के लिए चार-चार दिन पुराना सड़ा हुआ खाना मिलता है। इंकार करने पर कहा जाता है कि अफ्रीका आैर भारत में योगेंद्र की बड़े लोगों से पहचान है, कोई कुछ नहीं कर सकता।


- चंचल ने वीडियो आैर एसएमएस भेजकर जान बचाने की गुहार लगाई है। उसने कहा है कि - अफ्रीका से अजमेर आने तक यदि उसे कुछ भी होता है तो इसकी जिम्मेदारी वंदना-योगेंद्र की होगी।


इधर, चंचल की बेटी वंशिका अजमेर में अपने बुजुर्ग नाना-नानी के पास रहती है आैर रोजाना मां के लौटने का इंतजार में रो-रो कर बुरा हाल है। यहां, चंचल अपने पति से अलग बेटी का गुजर-बसर कर रही थी। अब उसके बुजुर्ग माता-पिता परेशान हैं।


आस-पड़ोस के लोगों की मदद से पुलिस से कॉन्टेक्ट किया गया, लेकिन राहत तो दूर किसी ने हमदर्दी तक नहीं दिखाई। एफआईआर दर्ज करना तो दूर, मदद से ही इनकार कर दिया गया। साथ ही कहा गया कि क्यों भेजा था विदेश। पब्लिक रिप्रेसेंटेटिव्स से भी कोई सही जवाब नहीं मिला।


अजमेर रेंज आईजी मालिनी अग्रवाल ने बताया कि मामले की जानकारी जुटाकर इंडियन एंबेसी को इससे अवगत कराया जाएगा। चंचल सोनी की सुरक्षित भारत वापसी के लिए पुलिस हर संभव मदद करेगी।