गुटखा किंग के नाम से मशहूर था ये अरबपति, ऐसी थी कारों के लिए दीवानगी
मशहूर इंडस्ट्रियलिस्ट और मानिकचंद ग्रुप के सीएमडी रसिकलाल धारीवाल का मंगलवार रात करीब निधन हो गया। वे गुटखा किंग के नाम से मशहूर थे। बता दें वे लग्जरी गाड़ियों के बड़े शौकीन थे। मारुति 800, से लेकर लांसर, स्कोडा, ओपरा, मिनी कूपर और मेबैक बेशकीमती गाड़ियों के देश में सबसे पहले खरीददार वे ही रहे हैं।ऐसा है
- रसिकलाल धारीवाल पुणे के कारोबारी थे। उन्होंने 2005 में अपनी बेटी जाह्नवी को उसके 21वें जन्मदिन पर मेबैक भेंट दी थी।
- कारों की दीवानगी रसिकलाल को शुरू से ही रही। 1950 के दशक में उन्होंने 900 रुपए में स्टडबेकर खरीद ली थी। वे कई महंगी कारों के कलेक्शन के लिए वे जाने जाते थे। बीएमडब्ल्यू, मर्सेडीज़ बैंज, लेक्सस और जेगुआर का जो भी नया मॉडल आता, वह देश में सबसे पहले वे ही खरीदते थे।
रसिकलाल जब 14 साल के थे, तब उनके पिता चल बसे। पिता की बीड़ी फैक्ट्री के कारोबार को इस लेवल तक लेकर आए कि अब उनका ग्रुप इंटरनेशनल स्कूल, दानार्थ संस्थान, कंस्ट्रक्शन, पैकेजिंग, मिनरल वॉटर और अस्पताल तक चलाता है।
- माणिकचंद गुटखा बनाने वाले रसिकलाल ने दो शादियां की है। पहली पत्नी से बेटा प्रकाश है, जो पिता के साथ ही सारा कारोबार देखता है। कारोबार पुणे से 60 किलोमीटर दूर सरादवाड़ी में है। बेटी जाह्नवी रसिकलाल की दूसरी पत्नी शोभा से है।
देश के बड़े बिजनेसमैन में शामिल धारीवाल के खिलाफ 2016 में एक के मामले में सीबीआई ने चार्जशीट दाखिल की थी। जिसमें कहा गया था कि एक और गुटखा कारोबारी जेएम जोशी और रसिकलाल के बीच किसी मामले का कथित समझौता अंडरवर्ल्ड डॉन दाउद अब्राहित ने कराया था।
- दाउद के इस काम के एवज में दोनों ने कथित रूप से दाउद के भाई को पाकिस्तान में गुटखा फैक्ट्री स्थापित करने में मदद की। हालांकि, जोशी और रसिकलाल को मामले में बेल मिल गई थी।

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