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बाथरूम में ऐसे तैयार हो रहे थे पनीर और मावे, खरीदने से पहले देख लें



दिवाली पर जो मिठाई अापके घर तक पहुंचनी थी, वह गंदगी के बीच बन रही थी और खाने लायक नहीं थी। इसका खुलासा सीएम फ्लाइंग की टीम के रेड में हुआ है। सुबह 11 बजे टीम चनेटी रोड स्थित गोदाम में पहुंची। यहां पर हर तरह की मिठाई बनाई जा रही थी। यहां पर बाथरूम में पनीर बनाया जा रहा था। पनीर को कपड़ों में बांधकर बाथरूम में लटकाया हुआ था। कई क्विंटल मिठाई पर फंगस लगी हुई थी। उसे मौके पर ही नष्ट कराना पड़ा। टीम ने एक दर्जन सैंपल यहां पर भरे।


 टीम करीब 11 बजे गोदाम में पहुंची। जैसे ही टीम अंदर पहुंची मिठाई बना रहे कारीगरों ने लड्‌डू के डिब्बे उपलों के ढेर में छिपा दिए लेकिन टीम ने उन्हें छिपाते देख लिया।


- अंदर जाकर देखा तो मिठाइयां खुली रखी थी। जिस टब में रसगुल्ले रखे थे। उसमें मक्खियां मरी थी। मिठाइयां बनाने में घरेलू सिलेंडर यूज हो रहे थे। मौके से 8 घरेलू सिलेंडर बरामद किए। जिनमें 4 खाली व 4 भरे थे। मामले में एएफएसई बिजेन्द्र की शिकायत पर चरण सिंह पर केस दर्ज कर लिया है।


- यहां मिठाइयां बनाने वालों ने किसी प्रकार का कोई लाइसेंस भी नहीं ले रखा था। इस पर भूषण ने बताया कि उनका प्लाट एमपी के रहने वाले चरण सिंह को किराए पर दिया था। वह यहां मिठाई तैयार कराता है। आठ महीने से मिठाई बनाई जा रही थी। यहां से मिठाइयां बड़े दुकानदारों को भी सप्लाई की जाती है। रसगुल्ला 100 रुपए किलो तथा गुलाब जामुन 120 रुपए किलो बेची जाती है। जबकि लड्‌डू 80 रुपए किलो बेचा जा रहा था।


- चरण सिंह ने कहा कि वह दूध बाहर से खरीदते हैं। जिसका मावा तैयार करने के बाद मिठाई बनाते हैं।


दोपहर दो बजे टीम सिटी के फेमस बीकानेर स्वीट हाउस पर पहुंची। यहां पर भी हालत ठीक नहीं थे। रसगुल्ले, गुलाब जामुन समेत कई तरह की मिठाई पर फंगस लगी मिली। जिस मिठाई पर फंगस थी, उसे नष्ट कराया गया।


- बीकानेर स्वीट हाउस पर दस दिन में दूसरी सैंपलिंग हुई है। इससे पहले हेल्थ डिपार्टमेंट की टीम ने सैंपलिंग की थी। शाम छह बजे टीम कृष्ण स्वीट्स पर पहुंची। यहां पर मावा व गुलाब जामुन के सैंपल लिए। इसके बाद पास के सोनू स्वीट्स पर चमचम और मावा के सैंपल लिए।


- सीएम फ्लाइंग की टीम की रेड की खबर शहर में आग की तरफ फैल गई। कई स्वीट हाउस मालिक दुकानें बंद कर निकल लिए। उधर रादौर में भी मिलावटी मिठाइयां बेचने की आशंकाओं के बीच रविवार को हेल्थ डिपार्टमेंट की टीम ने मिठाई की दुकानों में जांच की।


 गोदाम पर टीम ने चार कैन रसगुल्ले, दो कैन चाशनी के 20 किलो लड्‌डू, 10 किग्रा मक्खन, 15 केजी क्रीम नष्ट कराई। वहीं बन रही मिठाइयों के सैंपल लिए। सीएम फ्लाइंग की टीम ने बीकानेर स्वीट से रसगुल्ले, गुलाब जामुन, मावा, पनीर, डोडा, कलाकंद के सैंपल लिए।


- यहां रसगुल्ले व गुलाब जामुन के 5-5 कैन फंगस लगे मिले। उन्हें नष्ट कराया। दो कैन मावा नष्ट कराए। दस किलो चाशनी भी नष्ट कराया।


 रेड डालने के लिए गई टीम में डिप्टी सिविल सर्जन डॉक्टर पृथ्वी सिंह, गुरुदेव, हरीश, सीएम फ्लाइंग में एसआई दिनेश, एचसी सुनील कुमार, एएसआई सतविंद्र सिंह, बलवंत सिंह, वीरेंद्र कुमार, कुलदीप मौजूद रहे।


- डिप्टी सिविल सर्जन डॉक्टर  पृथ्वी का कहना है कि गंदगी में मिठाई तैयार हो रही थी। टीम ने यहां से रसगुल्ला, खोया, लड्डू के सैंपल लिए हैं। इनको जांच के लिए चंडीगढ़ प्रयोगशाला में भेजा जाएगा। 25 दिन में रिपोर्ट अाएगी।


 सब-स्टैंडर्ड : सब स्टैंडर्ड पाए जाने पर पांच लाख रुपए तक जुर्माना लगाया जा सकता है। सब- स्टैंडर्ड में फूड एडिबल्स में कई तत्वों की जो मात्रा अंकित होती है, उनमें कमी मिलती है।


- मिस ब्रांडेड : मिठाइयों व अन्य खाद्य पदार्थों के मिस ब्रांडेड पाए जाने पर अधिक से अधिक 2 लाख रुपए का जुर्माने का प्रोविजन है। इनमें फूड एडिबल्स मिठाइयों के दूसरे ब्रांड का लेबल लगाने जैसे मामले हैं।


- सब स्टैंडर्ड या मिस ब्रांडेड मिलने पर एडीसी कोर्ट में केस डालने का प्रोविजन है। अगर मिलावट पाई जाती है और उनके खाने पर कोई घटना हो जाती है तो ऐसे केस सीजेएम के पास डाले जाते हैं। इनमें सजा व जुर्माना भी ज्यादा है।