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IIM अहमदाबाद ने इस मस्जिद से लिया है LOGO, जापानी PM भी पहुंचे देखने


 पीएम नरेंद्र मोदी और जापानी पीएम शिंजो आबे ने बुधवार को ओल्ड सिटी में बनी 16वीं सदी की मस्जिद, सिदी सैय्यद का दौरा किया। आपको बता दें, जापानी पीएम शिंजो आबे अपनी वाइफ के साथ इंडिया के दौरे पर हैं। मस्जिद के परिसर में पीएम नरेन्द्र मोदी ने जापानी पीएम का वेलकम भी किया। ये मस्जिद अपनी जाली और खिड़कियों के लिए मशहूर है।


 गुजरात सल्तनत के आखिरी सुल्तान शम्स-उद-दीन मुजफ्फर शाह तृतीय की सेना के जनरल अहमद शाह बिलाल झजर खान के अनुयायियों ने बनवाया था। इस मस्जिद का निर्माण 1573 में किया गया था। इसी साल गुजरात सल्तनत का पतन हो गया था।

- मस्जिद का काम चल रहा था लेकिन साल 1583 में सिदी की मौत हो गई थी। इसका निर्माण अधूरा रह गया। मस्जिद आज भी उसी हाल में है। सिदी को इसी मस्जिद में दफन किया गया है।
- इस मस्जिद को सिदी सैय्यद के नाम से भी जाना जाता है। इसकी जालियां वर्ल्ड फेमस हैं। एक-दूसरे से लिपटी शाखाओं वाले पेड़ को दिखाती ये नक्काशी पत्थर से तैयार की गई है। छोटी होने पर भी नक्काशी के मामले में ये दुनिया की टॉप मस्जिदों में शुमार हैं। ये अहमदाबाद के लाल दरवाजा के करीब मौजूद है। इस मस्जिद की दीवार पर उकेरी गई जालियां ही आईआईएम अहमदाबाद का लोगो है।

 ऐसा कहा जाता कि मराठी शासन में इस मस्जिद को अस्तबल के रूप में इस्तेमाल किया ।
- अंग्रेजों के दौर में लॉर्ड कर्जन के नया कानून लाने के बाद इसे सहेजने की प्रक्रिया शुरू हुई।
- ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ इस मस्जिद को खासा पसंद करते थी।