215 करोड़ में बना ये 'मंदिर' अंदर से दिखता है एेसा, मोदी-शिंजो जाएंगे यहां
जापान के प्रधानमंत्री शिंजो पत्नी अकी आबे के साथ बुधवार से गुजरात के दो दिवसीय दौर पर हैं। पहले दिन पीएम नरेंद्र मोदी ने उनकी एयरपोर्ट पर आगवानी की। दोपहर में जापानी पीएम को मोदी ने ऐतिहासिक ‘सिद्दी सैयद की जाली’ मस्जिद के दर्शन कराए और शाम को अगाशिए रेस्टोरेंट में उनके लिए डिनर का आयोजन किया। अब 14 सितंबर को गांधीनगर के महात्मा मंदिर में दोनों नेताओं के बीच डेलीगेशन लेवल की 12वीं भारत- जापान एनुअल समिट होगी, जिसमें दोनों के फायदे के कई एग्रीमेंट्स पर सिग्नेचर किए जाएंगे।
8 जनवरी 2011 को गुजरात के तत्कालीन सीएम नरेंद्र मोदी ने गांधीनगर में महात्मा मंदिर का इनॉगरेशन किया था।
- इसके निर्माण में तकरीबन दो साल का वक्त लगा था। ये इंटरनेशनल लेवल का कन्वेंशन सेंटर २०११, से 2013 के बीच बनकर तैयार हो गया था।
- इसकी गुंबदाकार तीन मंजिला इमारत में महात्मा गांधी के जीवन से जुड़े पहलुओं को दिखाया गया है।
- मसलन बैरिस्टर के रूप में, साउथ अफ्रीका में उनके संघर्ष की सफलता को दर्शाया गया है।
- महात्मा मंदिर की नींव में गुजरात के 18066 गांवों से मिट्टी लगाई गई है।
45 मीटर ऊंचे गुंबद वाला महात्मा मंदिर करीब 215 करोड़ रुपए की लागत से तैयार किया गया है।
- महात्मा गांधी मंदिर के पहले चरण में 135 करोड़ रुपए का खर्चा आया था। इसमें कन्वेंशन सेंटर, तीन बड़े प्रदर्शनी हॉल और छोटे कॉन्फ्रेंस रूम्स बनाए गए।
- वहीं, दूसरे चरण में 80 करोड़ की लागत से 'नमक तोड़ो' आंदोलन की याद में एक मेमोरियल समेत एक गार्डन, सस्पेंशन ब्रिज, पवन चक्की और बेहतरीन पार्किंग बनाई गई।
महात्मा मंदिर के 10000 वर्ग फीट में फैले बिना पिलर वाले विशाल कन्वेंशन हॉल में एक साथ 15000 लोगों के बैठने की क्षमता है।
- वहीं, 500 लोगों के लिए चार सेमिनार रूम और एक सभागार 1000 लोगों के बैठने के लिए बनाया गया है।
- मंदिर में सात हाईटेक कॉन्फ्रेंस हॉल और माडर्न मीटिंग रूम बने हैं।
- सबसे खास बात यह है कि यहां बना खंभे (पिलर) के बड़े हॉल बनाए गए हैं।
- महात्मा मंदिर के कैंपस में एटीएम, ट्रेवल डेस्क, फूड कोर्ट समेत फोटो गैलरी है।
- अहमदाबाद एयरपोर्ट 20 किमी दूर महात्मा मंदिर गांधीनगर के 34 एकड़ एरिया में फैला हुआ है। इसके ठीक सामने दांडी कुटीर है।

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