छीना-झपटी में गिरे व्यापारी के हीरे, जिसे पता चला वही मिट्टी में ढूंढ़ने लगा
यहां के कतारगाम गोटालावाडी में एक हीरा व्यापारी की हीरे की पुड़िया गिर गई। जब लोगों को पता चला कि रास्ते पर हीरे की पुड़िया गिर गई है तो हर आने-जाने वाला हीरा खोजने में लग गया। देखते ही देखते नजारा ऐसा हो गया जैसे किसी नेता के आने से पहले सड़क पर सफाई अभियान चल रहा हो। यह ड्रामा घंटों तक चलता रहा। शाम तक हीरा खोजने में जुटे रहे लोग...
- रास्ते से आने-जाने वाले लोग जब यह नजारा देखते तो पूछते कि भाई यहां क्या हो रहा है।
- जब लोग यह बताते कि हीरा ढूंढ़ रहे हैं तो वे भी खोजने में लग जाते।
- हीरा खोज शाम तक चलती रही, लेकिन किसी को हीरे की पुड़िया नहीं मिली।
- लोग इस कदर हीरा खोजने में जुटे थे कि कतारगाम गोटालावाड़ी का रास्ता एकदम साफ हो गया।
- सैकड़ों लोग हीरा खोजने में जुटे हुए थे। इनमें बच्चे से लेकर बूढ़े तक शामिल थे।
- लोगों की हीरा खोज को देख कर ऐसा लग रहा था जैसे कोई नुक्कड़ नाटक हो रहा हो।
बताया जाता है कि एक व्यापारी जब हीरा लेकर जा रहे थे तब किसी ने उनके साथ छीना-झपटी की।
- इस छीना-झपटी में व्यापारी के हाथ से हीरे रास्ते में कहीं गिर गए।
गिरे हीरे को व्यापारी जब खोजने लगे तो रास्ते से जो भी जाता वह पूछता कि वह क्या खोज रहे हैं।
- जब राहगीर को पता चलता कि हीरे खो गए तो वह भी खोज में जुट जाता।

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