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अमेरिकन बैंकों में डाका डाल बनी थी वांटेड, अब कंगना निभा रही हैं इसका किरदार



एक्ट्रेस कंगना रनोट की फिल्म सिमरन 15 सितंबर को रिलीज होने जा रही है। फिल्म का ट्रेलर देखकर इस बात का अंदाज लगाया जा सकता है कि वे एक बिंदास गर्ल के किरदार में हैं। दरअसल सिमरन की कहानी रियल लाइफ स्टोरी पर बेस्ड है। जो कि बैंक चोर के नाम से बदनाम हुई थी। 2014 में वह न्यूज चैनल्स की सुर्खियों में थी। महज 21 साल की उम्र में उसने ऐसे कारनामों को अंजाम दिया कि सुनने वाले हैरान रह जाएं। पंजाब से अमेरिका करना पड़ा था शिफ्ट...


संदीप कौर का जन्म पंजाब के चंडीगढ़ में 11 नवंबर 1989 को एक सिख परिवार में हुआ था। बताया जाता है कि उसके पिता कैलिफोर्निया में टैक्सी ड्राइवर थे।

- एक मीडिया हाउस को दिए इंटरव्यू में संदीप ने बताया कि 7 साल की उम्र में उसे अपने परिवार के साथ अमेरिका शिफ्ट होना पड़ा।

- अमेरिका में 9/11 के आतंकी हमले के बाद वह नस्लवाद का शिकार हुई। खास पहनावे के चलते स्कूल में उसे आतंकवादी कहा जाता था। कम उम्र में ये सब सहना उसके लिए आसान नहीं था।

- 19 की उम्र में संदीप सैन फ्रांसिस्को में एक पेशेवर नर्स बन गई। इस पेशे में आकर संदीप को महीने करीब 6,000 डॉलर कमाई होती थी। 2008 में अमेरिका में आई जबरदस्त मंदी के दौरान उसकी फायनेंशियल हालत काफी खराब हो गई। तब उसके बैंक अकाउंट में महज 200,000 डॉलर रह गए थे।

उसके बाद संदीप ने नए तरीके से बिंदास लाइफ जीने का फैसला किया। जिसमें अपने दोस्तों के साथ पार्टी करना, घूमना-फिरना, जमकर खरीददारी जैसे काम शामिल थे।


- संदीप की जिंदगी में उस समय बड़ा मोड़ आया जब उसने कैसिनो में पहली बार जुआ खेल। उस दिन उसका जन्मदिन भी था। पहली बार में ही 4,000 डॉलर की रकम हाथ लगी।


- इस जीत के बाद उसे जुए की लत लग गई। जुए में जीते हुई रकम से वह अपने लग्जरी शौक पूरा किया करती थी, लेकिन किस्मत ने उसका साथ ज्यादा वक्त नहीं दिया और जल्द ही वह जुए में हारने लगी।


- लंबे वक्त तक लगातार हारने के बावजूद भी उसने जीतने की उम्मीद में जुआ खेलना नहीं छोड़ा। बस यहीं से उसके बुरे दिनों की शुरुआत हुई और वह अपना सब कुछ इस लत में हार गई।


 संदीप ने नए सिरे से जिंदगी की शुरुआत करने 2012 में अपनी मां के साथ कैलिफोर्निया शिफ्ट हो गई। उसने अपने क्रेडिट कार्ड से घर का डिपॉजिट और नुकसान की भरपाई के कर्ज को चुकाने हफ्ते में 96 घंटे तक नर्स की नौकरी करने लगी। तभी दिसंबर 2012 को उनके खिलाफ अरेस्ट वारंट जारी हो गया। पुलिस से बचने उसने घर छोड़ा और कहीं छिपकर रहने लगी।


- उसके बाद संदीप ने पैसों की तंगी अौर सिर पर लदे कर्ज से छुटकारा पाने गुनाह के रास्ते को चुन लिया। दरअसल उसने बैंक में डाका डालने का फैसला किया। प्लानिंग के तहत सबसे पहला डाका कैलिफोर्निया के वालेंसिया के एक बैंक ‘बैंक ऑफ वेस्ट’ में डाला।


- इस रॉबरी के दौरान उसन बैंक में उसके पास एक बम होने की बात कहकर सनसनी फैला दी और कैश लेकर फरार होने में कामयाब हो गई।


- इसके बाद उसने एक के बाद एक लगातार 5 बैंकों में रॉबरी की। जिससे वह पुलिस के लिए एक चैलेंज बन चुकी थी। आखिरकार 2 महीने के अंदर ही पांचवीं चोरी के बाद पुलिस को संदीप कौर को पकड़ने में कामयाबी मिली।

- उसे कोर्ट से 66 महीने जेल की सजा सुनाई गई और चुराई गई रकम वापस करने का भी आदेश दिया गया। जेल में जाकर संदीप पूरी तरह से बदल गई थीं, और धार्मिक हो गई। उन्होनें जेल में लोगों की मदद करना शुरु कर दिया था।