ये लड़की हुई फलाहारी बाबा की गंदी नीयत की शिकार, ऐसे बचाई थी आबरू
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर की 21 साल की लड़की से रेप की कोशिश के मामले में गुरुवार को विक्टिम बयान देने अलवर पहुंची। यहां पुलिस इन्वेस्टिगेशन हाउस में उसके बयान लिए गए। बयानों के लिए 70 सवालों की लिस्ट तैयार की गई थी।
इन तमाम सवालों के जवाब में विक्टिम खरी उतरी। डेढ़ घंटे चले सवाल-जवाब के दौर में विक्टिम से हर वह बात बारीकी से पूछी गई जो उसने बयानों में दी थी। बाबा फिलहाल अस्पताल में भर्ती है।
- विक्टिम लड़की ने 11 सितंबर को बाबा के खिलाफ बिलासपुर के महिला थाने में रेप की कोशिश की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें उसने बताया कि लॉ करने के बाद सुप्रीम कोर्ट में एक वकील के पास इंटर्नशिप पूरी की।
- उसे 3 हजार रुपए की स्कॉलरशिप मिली था जिसे वह 7 अगस्त को बाबा के चरणों में समर्पित करने आई थी। बाबा ने मंदिर के बेसमेंट में बने कमरे में बुलाकर उससे अश्लील बातें की और छेड़छाड़ करते हुए रेप करने की कोशिश भी की।
- जब बाबा ये हरकत कर रहा था, उसी वक्त एक शिष्य ने दरवाजा की कुंडी खटका दी। मौका पाकर लड़की दरवाजा खोल कर बाहर आ गई। अगले दिन वह दिल्ली में अपने भाई के पास पहुंची।
पुलिस के 70 सवालों के एग्जाम में लड़की पास
- विक्टिम अपने परिवार के साथ फ्लाइट से दिल्ली और उसके बाद करीब 6 बजे अलवर पहुंची। दरअसल, बिलासपुर पुलिस ने अलवर पुलिस को सवाल और बयानों के बारे में पहले से ही पूरी जानकारी दी हुई थी। ऐसे सवालों की सूची पहले ही तैयार करके दी थी जो क्रॉस चेक करें तो झूठ आसानी से पकड़ा जा सकता है।
- सूत्रों के मुताबिक, विक्टिम किसी भी सवाल पर नहीं भटकी। सभी सवाल उससे दोबारा पूछे गए। वह एक भी सवाल के जवाब में इधर-उधर नहीं हुई। इसके बाद विक्टिम, उसके पिता व मां को रामकिशन कॉलोनी स्थित घटना स्थल मधुसूदन सेवा आश्रम ले जाया गया। यहां विक्टिम को वो सभी जगह दिखाई गई जो उसने बयानों में बताई थी।
- हरेक जगह के बारे में खुद एसपी, अनुसंधान अधिकारी व अन्य अधिकारियों ने पूछताछ की। ऐसे में तमाम स्थिति साफ होने के बाद बाबा की गिरफ्तारी तय मानी जा रही है। पुलिस किसी भी वक्त फलाहारी बाबा को गिरफ्तार कर सकती है।
क्या है इन 70 सवालों में
भास्कर पड़ताल में सामने आया कि बयानों के आधार पर बिलासपुर और अलवर पुलिस द्वारा 70 सवालों की एक लिस्ट तैयार की गई। इसमें घटनास्थल पर कमरा, घटना का वक्त, घटना के वक्त के हालात, आश्रम की स्थिति, आश्रम के गेट, बाबा का कमरा समेत कई सवाल शामिल किए गए। विक्टिम को आश्रम का मौका मुआयना कराया गया, जो लगभग वही है जो बयानों में दर्ज कराया गया।
मौका मुआयना के लिए विक्टिम को आश्रम लेकर पहुंची पुलिस जब अंदर विक्टिम को मौका स्थल दिखा रही थी तो उस वक्त गेट बंद कर दिए गए। किसी को भी अंदर जाने नहीं दिया गया। बाहर बाबा की भक्त महिलाएं मीडिया को कोसती रहीं। महिलाओं का कहना था कि बाबा निर्दोष हैं और उन्हें फंसाया जा रहा है। हम यहां 30 साल से रह रहे हैं। आज तक बाबा का कोई ऐसा काम नहीं देखा।
महिलाएं यह भी कह रही थी कि यह लड़की यहां आई क्यों। अगर कुछ हो रहा था तो चिल्लाई क्यों नहीं। कोई तो मदद के लिए आता। जिस दिन घटना की यह बात कर रही है, उस दिन ग्रहण था और आरती भी नहीं हुई। ऐसे में, बाबा पर लगाए गए आरोप बेबुनियाद है। हमें इंसाफ चाहिए। बाबा से पहले पुलिस हमें गिरफ्तार करे।
इधर एक रिपोर्ट यह भी
लक्ष्मणगढ़ के लीली गांव के रहने वाले बाबा के शिष्य धर्मेंद्र शर्मा ने अरावली विहार थाने में बुधवार देर रात साढ़े ग्यारह बजे रिपोर्ट दी कि 17 दिन पहले उसके पास धमकी भरे तीन कॉल आए। इसमें 10 से 12 लाख रुपए देने की मांग की गई। पैसा नहीं देने पर बाबा को बदनाम करने तथा अंजाम भुगतने की बात कही गई।
बिलासपुर के कई मामले हो सकते हैं
विक्टिम के पिता ने बताया कि बाबा ने हमारे साथ विश्वासघात किया है। हमने इन्हें सब कुछ माना और इनके लिए सब कुछ किया। मेरी बेटी के साथ उन्होंने ऐसा किया, इससे धक्का लगा है। मैं कई नाम पुलिस को दूंगा जिनके साथ ऐसा हुआ है। लिस्ट साथ लेकर आया हूं।
विक्टिम के परिवार ने दिया था बाबा को रथ
बयानों में यह बात भी सामने आई हैं बाबा के पास दो बड़ी गाड़ियां हैं, जिन्हें रथ बनाया हुआ है। उनमें से एक गाड़ी विक्टिम के पिता के द्वारा ही कुछ दिनों पहले दी गई थी। इस गाड़ी पर नंबर भी छत्तीसगढ़ का ही लिखा हुआ है।
आश्रम में सन्नाटा और चुप्पी
रामकिशन कॉलोनी स्थित आश्रम पर जैसे ही पुलिस की गाड़ियां पहुंचीं तो लोगों की भीड़ जमा हो गई। हालांकि, आश्रम में पूरी तरह से सन्नाटा पसरा हुआ था। आश्रम का कोई भी शख्स किसी से भी बात करता हुआ नहीं दिखा, लेकिन आश्रम के बाहर लोगों की भीड़ जमा हो गई और लोग बाबा को सही बताते हुए अपना पक्ष रखते दिखे।

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