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स्टाफ ने ली जान, कभी टीचरों ने तोड़े हाथ-पैर, फोड़ी आंख- स्कूल कितने सेफ?


गुरुग्राम के रेयान इंटरनेशनल स्कूल में 7 साल के प्रद्युम्न के मर्डर ने स्कूलों में बच्चों की सेफ्टी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह पहला मामला नहीं जब स्कूल मैनेजमेंट की लापरवाही का खामियाजा स्टूडेंट्स को उठाना पड़ा है। प्रद्युम्न के मर्डर के अगले ही दिन गाजियाबाद में बस ड्राइवर की लापरवाही से 5 साल की बच्ची को अपनी जान गंवानी पड़ी। उससे पहले अगस्त में गाजियाबाद में ही 9 साल के बच्चे की स्कूल कैंपस में मौत हुई थी।

 दिल्ली के महरौली निवासी 5 साल की सौम्या गाजियाबाद के महेंद्र एन्क्लेव में बने सिल्वर शाइन स्कूल की स्टूडेंट थी। उसके पिता गुरुग्राम में जॉब करते हैं और मां हाउस वाइफ हैं।

- शनिवार को बस स्टॉप पर सौम्या की दादी उसके स्कूल से लौटने का इंतजार कर रही थीं। स्कूल बस आकर चंद सेकंड्स के लिए रुकी, सौम्या ने नीचे उतरने के लिए पहला पैर ही रखा था कि ड्राइवर ने गाड़ी आगे बढ़ा दी। 5 साल की बच्ची डिस्बैलेंस होकर नीचे गिर गई और बस उसके सिर को कुचलते हुए आगे निकल गई।

- यह पूरा वाक्या सौम्या की दादी की आंखों के सामने हुआ। बच्ची की ऑन स्पॉट ही मौत हो गई।

- पड़ोसी प्रिंस कुमार के मुताबिक मृतका की मां ने दो बार बस ड्राइवर की शिकायत की थी, लेकिन पुलिस की तरफ से एक्शन नहीं हुआ


 1 अगस्त 2017 को गाजियाबाद के इंदिरापुरम स्थित जीडी गोयंका पब्लिक स्कूल में क्लास 4 के स्टूडेंट की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।

- 9 साल के अरमान सहगल को उसके पेरेंट्स 1 अगस्त की सुबह स्कूल छोड़कर गए थे। कुछ ही देर बाद उनके पास फोन आया- आपका बच्चा सीढ़ियों से गिरकर घायल हो गया है, हॉस्पिटल पहुंच जाइए। जब परिजन हॉस्पिटल पहुंचे तो डॉक्टरों ने बच्चे के डेड डिक्लेयर कर दिया। पिता ने आरोप लगाया कि बच्चे की मौत स्कूल मैनेजमेंट की गलती से हुई है। स्कूल प्रबंधन के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या और सबूत मिटाने का केस दर्ज किया गया।


लखनऊ के वजीरगंज निवासी 14 साल का मोहम्मद हमजा क्रिश्चियन कॉलेज में पढ़ता है। पिछले साल अप्रैल में क्लास के दौरान हमजा को प्यास लगी और वो बिना पूछे पानी पीने बाहर चला गया। बच्चे को कुछ दिन पहले ही चिकन पॉक्स हुआ था और वो थोड़ा कमजोर था। क्लास में पढ़ा रही टीचर ने जब हमजा को बाहर से अंदर आते हुए देखा तो आगबबूला हो गई। अंदर आते ही टीचर ने एक डंडे से बच्चे को पीटना शुरू कर दिया।

- पहले वार से ही हमजा को तेज दर्द होने लगा और वो चिल्लाया। टीचर इस बात की परवाह किए बगैर उसे मारती रही। जब तक गुस्सा शांत हुआ, तब तक बच्चे का हाथ फ्रैक्चर हो चुका था।

- बच्चा जब घर पहुंचा तो डरा-सहमा सा कमरे में बैठ गया। माता-पिता ने जब प्यार से पूछा तो हाथ दिखाकर फूट-फूटकर रोने लगा। पिता ने उसी समय टीचर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाई।

राजधानी के उतरेठिया इलाके में सेंट जॉन विएनी स्कूल में एक टीचर ने 7 साल के स्टूडेंट को 50, से ज्यादा थप्पड़ महज इसलिए मारे क्योंकि वो क्लास में अटेंडेंस के दौरान 'यस मैडम' नहीं बोला। टीचर की बर्बरता क्लास में लगे सीसीटीवी कैमरा में कैद हुई और वीडियो वायरल हो गया। बच्चा क्लास 3 का स्टूडेंट था। शिकायत मिलने पर स्कूल ने टीचर को निकाल दिया। पुलिस ने केस दर्ज किया।


इलाहाबाद के प्रतिष्ठित स्कूल में मॉर्निंग प्रेयर के दौरान बैग टांगकर खड़े होने पर वाइस प्रिंसिपल ने स्टूडेंट की ऐसी पिटाई की कि उसे अपनी एक आंख गंवानी पड़ी। सेरवेन टेरेंस सेंट जोसेफ स्कूल में 12वीं क्लास का स्टूडेंट है। 9 मई की सुबह 7 बजे वो असेम्बली प्रेयर में बैग कंधे पर टांगे खड़ा था। वाइस प्रिंसिपल फादर लेसली कोटिनो ने उसे देखा तो डांटते हुए बोले- अभी तुम्हारा बैग कंधे पर ही है। बेटा बैग उतारता, उससे पहले ही उन्होंने उस पर डंडे से वार कर दिया। डंडा उसकी दाहिनी आंख में लगा और उससे खून निकलने लगा। इसके बावजूद वे नहीं रुके। उन्होंने उसके साथी स्टूडेंट को भी पीटा।


बीते 2 सितंबर को रायबरेली के एक स्कूल में 10वीं क्लास के स्टूडेंट की प्रिंसिपल ने सिर्फ इसलिए बुरी तरह पिटाई कर दी, क्योंकि वह अपने दोस्तों से बात कर रहा था।

पीड़ित स्टूडेंट स्कूल के बाहर अपने दोस्त से सिर्फ इस टॉपिक पर बात कर रहा था कि वो परफ्यूम कौन सा यूज करता है।

जैसे ही बच्चे ने परफ्यूम का नाम बताया, वैसे ही पीछे खड़े प्रिंसिपल ने डंडे से पिटाई शुरू कर दी। उसे इतना मारा कि उसे गोद में घर ले जाना पड़ा