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BJP लीडर के बेटे को हुआ प्यार, लड़की ने बुलाया मिलने और फिर हुआ ये सब


सेंट कोलम्बस स्कूल चुटिया के प्रमोटर भाजपा नेता के बेटे समेत तीन छात्रों को पुलिस ने शनिवार को सकुशल बरामद कर लिया। इन्हें एक लड़की के जाल में फंसाकर अगवा किया गया था। पुलिस सूत्रों के अनुसार भाजपा नेता के बेटे शिवम सिंह से एक लड़की ने पहले फेसबुक पर दोस्ती की। फिर अपना मोबाइल नंबर दिया। दोनों के बीच बातचीत शुरू हो गई। इसी दौरान लड़की ने उसे मिलने के लिए बुलाया। इसी क्रम में शिवम समेत तीन लड़के उससे मिलने पहुंचे और यहीं उन्हें किडनैप कर लिया गया। मांगी 20 करोड़ रुपए फिरौती...



शिवम को उसके हमउम्र मौसेरे भाई गौरव और दोस्त अभिषेक के साथ पांच सितंबर को रांची रिंग रोड से अगवा किया गया था। पुलिस ने 19 दिन बाद उन्हें चाईबासा में सकुशल बरामद कर लिया।


-डॉक्टर को दिखाने के बाद उनसे पुलिस एक-एक तथ्य ले रही है। एक टीम, उन 14 अभियुक्तों से पूछताछ कर रही है, जो चाईबासा और रांची में गिरफ्तार किए गए हैं।


-इनमें एक लड़की भी है, जिसने अपराधी चंदन सोनार के गिरोह के इशारे पर शिवम और गौरव को पहली बार मिलने के लिए रिंग रोड बुलाया और गैंग ने उन्हें अगवा कर लिया।


-जब वे रिंग रोड पहुंचे तो लड़की नहीं मिली। दो कारों से कुछ लोग उतरे, खुद को पुलिस वाले बताकर बोले 'लड़की को तंग करते हो, गाड़ी में बैठो, थाने चलो।'


-अगवा करने का मकसद शिवम के पिता और भाजपा नेता मदन सिंह से फिरौती वसूलना था। पहली बार में 20 करोड़ मांगे गए थे, फिर वे चार करोड़ तक आ गए।


-पुलिस के अनुसार, फिरौती नहीं दी गई। पुलिस ने चाईबासा में जाल बिछाकर उन्हें एक गाड़ी से बरामद किया। उस समय किडनैपर उन्हें चाईबासा से कहीं और ले जा रहे थे।


-चाईबासा में इन्हें कांग्रेस के टिकट पर पिछला विधानसभा चुनाव लड़ चुके अशोक सुंडी के यहां छिपाया गया था। सुंडी को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।


-पुलिस अब रामगढ़ के आजसू नेता खिसारी लाल महतो की तलाश में दबिश दे रही है, जिसके नाम वाली गाड़ी से इन्हें किडनैप किया गया था।



इस अपहरण का मास्टर माइंड चंदन सोनार को बताया जा रहा है। चंदन सोनार वही है, जिसके गिरोह ने बोकारो के व्यवसायी महावीर जैन, लालपुर के ज्यूलर परेश मुखर्जी, कावेरी रेस्त्रां के मालिक लव भाटिया को अगवा किया था।


-दो साल पहले बिहार में गुजरात के व्यवसायी सुहेल हिंगोरा के अपहरण के बाद मोटी फिरौती वसूलकर वह देश छोड़कर चला गया था।



अपहरणकर्ताओं के चंगुल से मुक्त शिवम, उसके मौसेरे भाई गौरव और दोस्त अभिषेक घर पहुंचते ही मदन सिंह और परिवार से सदस्यों से लिपट कर रो पड़े।


-उन्होंने अपराधियों की कैद में बीते 19 दिनों की दास्तान सुनाई। बताया कि अपराधियों ने अगवा करने के बाद उन्हें बेहोश कर दिया था। जब होश आया, तो उन्होंने खुद को जंगल के एक मकान में पाया।


-उनके हाथ-पैर जंजीर से बंधे हुए थे। उन्होंने बताया कि अपराधी हर दिन सुबह चार बजे उनके कमर में रस्सी बांधकर फ्रेश होने के लिए बाहर ले जाते थे।


-आधा घंटे बाद उन्हें वापस कमरे में लाकर जंजीर से बांध दिया जाता था। उसी कमरे में एक गैस चूल्हा था, जिस पर अपराधी खाना बना कर उन्हें खिलाते थे।

-जिस मकान में रखा गया था, बारिश होने पर छत रिसता था। लेकिन बारिश के पानी में भींगते हुए ही उन्हें सोना पड़ता था। डर के मारे नींद भी नहीं आती थी।


-कुछ बोलने पर उन्हें गोली मारने की धमकी दी जाती थी। घरवालों से बात कराने की बात कहने पर अपराधी मारपीट करने लगते थे।