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80 हजार में 12 साल की बेटी को कोठे पर बेचा, 24 की उम्र तक ये हो गई हालत



.नागपुर के गंगा-जमुना के कोठे से मुक्त कराई गई लड़की ने पुलिस को बताया है कि उसकी मां ने उसे 12 साल की उम्र में 80 हजार रुपए में कोठा संचालिका को बेचा था। उससे लगातार 12 साल से देह व्यापार कराया जा रहा था। लड़की के बयान के आधार पर पुलिस ने मां और कोठा संचालिका के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।

 रेड लाइट एरिया में ऐसे गुजारे 12 साल...


शिल्पा ने बताया कि उससे नागपुर के रेड लाइट एरिया में देह व्यापार कराया जाता था। उसे दो साल मुंबई में भी रखा गया।

-देह व्यापार से मिलने वाली रकम कोठे की मालकिन रख लिया करती थी। उसे केवल खर्च के लिए 20 रुपये दिए जाते थे।


-उसने दो बार नागपुर से भागने की कोशिश की। दोनों बार वह पकड़ी गई।

-भागने की कोशिश में उसे यातनाएं दी गईं। इसके बाद उसे मुंबई भेज दिया गया।
-वह दो साल तक मुंबई में रही। उसे वापस फिर नागपुर ले आया गया।

-फिर उसकी मुलाकात शहर में रहने वाले एक लड़के से हुई। उसने लड़के को अपने परिवार वालों के बारे में बताया।


-लड़के ने उनके परिवार वालों को उसके बारे में खबर दी। परिवार वालों ने पुलिस को इसकी सूचना दी।


-पुलिस की टीम लड़की के भाई, चाचा और बुआ को लेकर नागपुर पहुंची। नागपुर से लड़की को मुक्त कराया।


-जैसे ही पुलिस ने कोठे पर दबिश दी। कोठे की मालकिन मौके से फरार हो गई।
-शिल्पा को खरीदने वाली महिला ने उसका नाम बदल दिया। उसके हाथ में बदले हुए नाम का गुदना गुदवा दिया गया।


-वहां पर शिल्पा का आधार कार्ड भी बनवाया गया। जब भी पुलिस रेड करती तो महिला शिल्पा को अपनी बेटी बताती थी।


बेटी को बेचने के बाद मां अपने पति को भी छोड़कर भाग गई। शिल्पा के परिजनों ने बताया कि उसकी मां की चार-पांच साल पहले मौत हो चुकी है।

-परिवार में अब उसके पिता के अलावा एक छोटा भाई है, जो मजदूरी करता है।