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इस वजह से बेटी की अस्थियां घर ले गया पिता, कहा- मैंने तो कसम खाई है


सुसराल में बेटी की मौत के बाद एक मजबूर पिता ने उसकी अस्थियां न्याय नहीं मिलने तक घर में रखे रहने की कसम खाई है। घटना मध्यप्रदेश के ग्वालियर शहर की है। इसी कसम के साथ लड़की के पिता बेटी का अस्थि कलश लेकर अपने घर बूंदी(राजस्थान) चले गए। क्या है पूरा मामला...

-राजस्थान बूंदी के निवासी महेन्द्र सिंह की बेटी प्रीत की शादी ग्वालियर के जगतार सिंह से 4 साल पहले हुई थी। प्रीत से उसके ससुराल वाले 2 लाख लाने कहते थे। उससे ससुराल में जमकर मारपीट की जाती थी।

-13 दिन पहले प्रीत के पति जगतार ने फोन करके ससुर महेन्द्र को बताया कि उनकी बेटी की तबीयत खराब है और वह हॉस्पिटल में भर्ती है। इसके बाद महेन्द्र ग्वालियर आए।

- मृतक लड़की प्रीत कौर के पिता महेन्द्र सिंह ने बताया कि उन्हें बताया गया था कि वो ससुराल (ग्वालियर) में फिसलने से उसकी मौत हो गई है। बाद में पता लगा कि उसने सुसराल में प्रताड़ना से तंग आकर उसने फांसी लगाई है और उसे हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया है।

-ग्वालियर में उनकी बेटी की तबीयत बहुत खराब थी और वह कोमा में थी। जगतार ने पहले तो यही कहा कि प्रीत घर में पानी में फिसल गई थी, जिससे वह घायल हो गई है।

-इसके बाद जगतार पूरे परिवार सहित गायब हो गया। 2, अगस्त 2017, को प्रीत की मौत हो गई। मौत के बाद महेन्द्र ने दामाद को खोजा, लेकिन वह नहीं मिला।
-पोस्टमार्टम के बाद मालूम हुआ कि प्रीत की मौत फांसी लगाने के कारण हुई है।

अंत में मायके वालों ने ही प्रीत का अंतिम संस्कार किया। इसके बाद महेन्द्र ने अपने परिवार के साथ श्मशान से बेटी की अस्थियां चुनी।

-अस्थियां लेकर वे पुरानी छावनी थाने में भी गए। थाने में उन्हें पुलिस ने गोलमोल जबाव दे दिया। इसके बाद वे अस्थियां लेकर बूंदी चले गए।

-जाते-जाते पिता महेन्द्र बोले, जब तक बेटी को न्याय नहीं मिलेगा, वे अस्थियां अपने पास रखेंगे। बेटी के हत्यारे पकड़े जाने चाहिए, तभी उसकी आत्मा को शांति मिलेगी। न्याय मिलने पर वे अस्थियों को प्रवाहित करेंगे।