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दुनिया में सबसे ज्यादा बोले जाने वाले 9 झूठ, आप कौन सा बोलते हैं?


शुरू से ही बच्चों को सिखाया जाता है, झूठ बोलोगे तो नाक लंबी होगी। झूठ बोलोगे तो कौआ काट लेगा। ये झूठ नहीं तो और क्या है। पहला झूठ यही है जिसे बच्चे भी दोहराते हैं।

दुनिया का हर शख्स ये कहता है कि वो झूठ नहीं बोलता, दरअसल यही सबसे बड़ा झूठ है। 1996 में यूनिवर्सिटी ऑफ वर्जीनिया ने एक बड़ा सर्वे कराया था जिसके अनुसार हर व्यक्ति अपने जीवन में झूठ बोलता है। कुछ कम बोलते हैं और कुछ ज्यादा। अधिकतर लोग दिन में तकरीबन दो बार झूठ बोलते हैं।

इंटरनेट क्रांति के बाद झूठ का दायरा बढ़ा है और लोग आनलाइन कम्युनिकेशन में ज्यादा झूठ बोलने लगे हैं क्योंकि इससे सामने वाले के चेहरे के भाव पता नहीं चल पाते।

आज यहां हम बता रहे हैं दुनिया में सबसे ज्यादा बोले जाने वाले 9 झूठ। शर्तिया इनमें से कुछ आपने भी बोले होंगे।

इसे झूठ न बोलकर आदत कहा जाए तो ज्यादा सही होगा क्योंकि हर लड़की (अब तो लड़के भी) अपनी असल उम्र छिपाती है

सैलरी को लेकर अधिकतर लोग झूठ बोलते हैं। ये झूठ एक सा नहीं रहता, कहीं सैलरी ज्यादा बताई जाती है और कहीं कम।

दफ्तर से बंक मारना हो तो 90 फीसदी लोग इस झूठ को अपनाते हैं। फीवर और सिर में दर्द छुट्टी लेने के सबसे अच्छे बहाने है।


इस मनोवैज्ञानिक झूठ का लगभग हर इंसान शिकार होता है। वैज्ञानिकों के मुताबिक खरीदी चीज के दाम छिपाने में व्यक्ति आनंद महसूस करता है।


आपने भी फल सब्जी खरीदे होंगे...हर दुकानदार फल को लेकर यही कहता आया है और यह एक शाश्वत झूठ बन चुका है।


असल में यह भी दबाव में आकर बोला गया झूठ है। दरअसल जब ये झूठ बोला जाता है तभी आपको किसी न किसी की जरूरत होती है।


भारतीय सोसाइटी का फेमस जुमला। इसके बिना कोई फंक्शन, समारोह और गेट टु गेदर पूरा नहीं होता।


99 फीसदी लोग इस तरह के एग्रीमेंट बिना पढ़े साइन करते हैं। याद कीजिए आपने खुद साइन किए होंगे, ये कहते हुए अब कौन इतने पन्नों को पढ़ेगा।


ये कहना ही दरअसल में अपने आप में एक झूठ है। अगर आपने कभी कहा हो तो संभल जाइए।