रात 12 बजे सोते में गला दबा, नींद खुली तो पलंग के नीचे कटे डले थे बाल
एमपी में दमोह जिले सोते समय एक महिला की चोटी कटी तो पूरे गांव में दहशत का माहौल छा गया। पूरे गांव में ये अफवाह फैल गई है कि जिसकी चोटी कट जाती है, उस महिला की 3 दिन में मौत हो जाती है। इससे बचने के लिए घरों के बाहर दीवारों पर हल्दी और गोबर के हाथ लगाए जा रहे हैं।
-एमपी में दमोह जिले के पाठा गांव में बुधवार की रात 12 बजे एक महिला की चोटी कांटे जाने की घटना सामने आई है।
-महिला घर में अपने बच्चों के साथ सो रही थी। घटना के बाद से गांव में महिलाएं दहशत में हैं।
-लोग इसे अंधविश्वास से जोड़कर देख रहे हैं। इससे बचने के लिए घरों के बाहर दीवारों पर हल्दी और गोबर के हाथ लगाए जा रहे हैं।
-हालांकि परिजनों ने अब तक इस मामले की शिकायत पुलिस थाने में दर्ज नहीं कराई है।
चोटी के बाल पलंग के नीचे डले हुए थे
-पाठा गांव निवासी महिला गायत्री पति भगवानदास पटेल 26 ने बताया बुधवार रात वह घर में बच्चों के साथ सो रही थी।
-रात 12 बजे के लगभग ऐसा लगा जैसा किसी ने मुझे दबा लिया हो। जिससे घबरा कर जैसे ही उठी तो मेरी चोटी के बाल पलंग के नीचे डले हुए थे।
-बाद में तुरंत उसने यह बात तुरंत अपनी सास और पति को बताई। महिला ने बताया कि रात में ही घटना के बाद उसे चक्कर आने लगे।
-सिर दर्द होने लगा और बुखार आ गया। रात में ही पीड़ित के ससुर द्वारा घटना की जानकारी अपने पड़ोसियों की दी।
इसलिए दहशत में हैं महिलाएं
-घटना में हकीकत जितनी भी हो, लेकिन ग्रामीण सहमे हुए हैं। खासतौर पर महिलाओं में दहशत का माहौल है।
-महिलाओं ने बताया कि उन्होंने सुना है कि चोटी काटे जाने के बाद जिस महिला की चोटी काटी जाती है उसकी तीन दिन बाद मौत हो जाती है।
-यही कारण है कि इस घटना के बाद पीड़ित महिला सहित गांव की अन्य महिलाएं भी डरी हुई हैं।
दरवाजे पर लगा रहे गोबर ओर हल्दी के हाथे
अंधविश्वास के चलते गांवों में महिलाओं द्वारा घर के मुख्य द्वार पर दोनों ओर हल्दी और गोबर के हाथ लगाए जा रहे हैं।
-पाठा गांव में शायद ही ऐसा कोई घर हो जिसमें हाथ नहीं लगाए गए हो।
-यहां की बड़ी बहू पटेल ने बताया कि ऐसी चर्चा है कि घर के मुख्य द्वार पर हल्दी और गोबर के हाथ लगाने के बाद कोई बाधा घर में प्रवेश नहीं करती, जिससे सुरक्षा के लिए यह उपाय किया है।
यह अंधविश्वास है
-इस संबंध में समाज शास्त्र के विशेषज्ञ और केएन कॉलेज के प्राचार्य डॉ. केपी अहिरवार का कहना है कि यह अंधविश्वास है। लड़ाई झगड़ा के दौरान ऐसा हो गया होगा। ऐसा संभव नहीं है।
-उन्होंने बताया कि हमारा देश अंधविश्वासी है। कई लोग ऐसा करके फल फूल रहे हैं।
-ऐसा संभव है क्या कि गणेश जी, शंकर जी दूध पी रहे हैं। पीपल के पेड़ में दूध निकल रहा है।
सर्प के काटने पर अस्पताल में झाड़ फूंक करने से लोग बच जाते हैं।
-यह दकियानूसी सोच है। इससे लोगों को बाहर निकलना चाहिए।


Post a Comment