10 लाख है डिब्बे में पैक इस सामान की कीमत, देखें-आखिर क्या है इसमें
शहर में जंगली जानवरों के अंगों की तस्करी करने वाले गिरोह के एक एजेंट को क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया है। उसके पास से टाइगर के पैर के दो नाखून मिले हैं।
वह इन्हें राज्य से बाहर बेचने की फिराक में इंदौर में रहने वाले एक बड़े तस्कर से मिलने के लिए आया था। जब्त नाखूनों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 10 लाख रुपए बताई जा रही है।
- एएसपी क्राइम ब्रांच अमरेंद्र सिंह चौहान ने बताया पकड़े गए तस्कर का नाम जावेद पिता अय्यूब खान निवासी ग्रीन पार्क कॉलोनी है। उसके कब्जे से टाइगर के दो नाखून और कुछ बाल जब्त हुए हैं। उसके खिलाफ वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 के अंतर्गत केस दर्ज किया है।
- एएसपी चौहान ने बताया आरोपी इंदौर में ग्रीन पार्क कॉलोनी में रहने वाले गफ्फार के संपर्क में था।
वह जंगली जानवरों की तस्करी करने वाले गिरोह से जुड़ा है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसका नेटवर्क है।
- गफ्फार अवैध शराब के कारोबार से भी जुड़ा है। वह गुजरात में अवैध शराब की तस्करी में पकड़ाया भी जा चुका है। बाद में उसने गुजरात में जंगली जानवरों के अंगों की तस्करी करने वाले गिरोह में नेटवर्क बना लिया था।
वह चोरी के वाहनों की खरीद फरोख्त भी करवाता है। उसके संबंध महाराष्ट्र व मप्र में कई लोगों से हैं, जिनसे गिरोह जानवरों के अंगों की खरीद फरोख्त करता है।
जांच देहरादून की वन्य प्राणी फोरेंसिक लैब में होगी
वन विभाग के अधिकारियों को भी इस गिरोह की सूचना दे दी है। वहीं टाइगर के जो नाखून जावेद के कब्जे से जब्त हुए हैं उन्हें जांच के लिए देहरादून स्थित वन्य प्राणियों की फोरेंसिक लैब में भेजा जा रहा है। वहीं फरार सरगना गफ्फार की तलाश में टीमें सक्रिय हैं।
जानवरों के इन अंगों की तस्करी
- शेर, चीता, बाघ के नाखून, बाल, खाल, अन्य पशु-पक्षियों के नाखून, पंख, बाल और हड्डियां सहित करीब-करीब सभी जानवरों के अंगों की तस्करी करते हैं।


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