यहां लगती थी इंसानों की मंडियां, खरीदे-बेचे गए 1 करोड़ 70 लाख लोग
यूनेस्को ने ब्राजील के रियो डि जनेरियो में मौजूद वेलोंगो वार्फ सेंटर को वर्ल्ड हेरिटेज बनाए जाने का एलान किया है।
ये फोटो ब्राजील के रियो डि जनेरियो में मौजूद वेलोंगो वार्फ सेंटर की है। यूनेस्को ने अब इसे वर्ल्ड हेरिटेज बनाए जाने का एलान किया है। 1779 में इसे इंसानों की खरीद-फरोख्त के लिए बनाया गया था। अगले करीब सौ साल तक यहां अफ्रीकी गुलामों की मंडी लगती रही। यहां से 1.70 करोड़ गुलाम बिके। अमेरिका तक हुई गुलामों की सप्लाई...
उस वक्त अमेरिका तक गुलामों की सप्लाई इसी जगह से होती थी। यहीं उनकी बोली लगती थी और बिके हुए गुलाम अपने-अपने मालिकों के साथ देश के अलग-अलग हिस्सों में भेज दिए जाते थे।
जमीन में हड्डियां मिलने के बाद शुरू हुई खुदाई
इस इलाके में 1996 में कंस्ट्रक्शन वर्क के दौरान जमीन से भारी मात्रा में हडि्डयां मिलीं। इसके बाद पुरातत्वविदों ने खोज शुरू की। खुदाई से पता चला कि यहां गुलामों का बाजार लगता था। 2011 में इस जगह पर बने घर हटा दिए गए और संरक्षित क्षेत्र घोषित कर दिया गया।
ब्राजील में आज भी गुलामी के अंश
ब्राजील में 1888 में दास प्रथा पर रोक लगाई गई थी। 130 साल बाद भी ब्राजील इस कुप्रथा से आजाद नहीं हो पाया है। पिछले 35 सालों में 50 हजार से ज्यादा लोगों को गुलामी से मुक्त करवाया गया है।
यहां से आधे गुलाम अकेले अमेरिका भेजे गए
यहां जितने गुलाम बिके उनमें से आधे से ज्यादा अमेरिका ले जाए गए थे। 2013 से हर साल यहां 20 नवंबर को ‘ब्लैक अवेयरनेस डे’ मनाया जाता है। उस दिन बड़ी संख्या में लोग यहां आकर फूल चढ़ाते हैं।


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