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कभी ड्रग एडिक्ट थे टीवी के ये कृष्ण, नशे में करते थे शूटिंग


'सूर्यपुत्र कर्ण'(2015) में भगवान कृष्ण का रोल प्ले करने वाले टीवी एक्टर सौरभ पांडे को इस शो से घर-घर पहचान मिली। वैसे तो सौरभ ने 2007 में ही 'जिया जले' से अपने टीवी करियर की शुरुआत कर दी थी लेकिन उन्हें सबसे ज्यादा फेम कृष्ण के रोल से मिला। कम ही लोग जानते हैं कि सौरभ कभी ड्रग एडिक्ट रहे हैं। हाल ही में सौरभ ने हुई बातचीत में इस अपनी लाइफ के इस फेज पर खुलकर बात की। इस शो के दौरान ड्रग लेने लगे थे सौरभ...

- सौरभ ने नशे की इस लत को काफी मुश्किल से छोड़ा है। जब वो 2010 में टीवी शो 'तेरे मेरे सपने' में काम कर रहे थे तभी उन्होंने ड्रग एडिक्शन के दौर से गुजर रहे थे।
- सौरभ बताते हैं, "उस टाइम जब सामने वालों को लगता था मेरे पास सबकुछ हैं लेकिन सच्चाई तो ये थी कि मैं उस टाइम अकेलेपन के दौर से गुजर रहा था।"
- "मुझे याद है मैं सेट पर काफी स्मोकिंग और ड्रग लेने लगा था। ऐसे में मुझे नशे के बाद शूटिंग करने में भी काफी परेशानियां आती थीं।"
- "देखा जाए तो मैं ये सब सिर्फ अपने अकेलेपन से दूर भागने के लिए कर रहा था। उस टाइम मैंने सभी से उम्मीदें छोड़ दी थीं मैं सिर्फ और सिर्फ अपने बारे में सोच रहा था।"
- "मेरे पैरेंट्स मेरी चिंता करते थे और वो सब काम करते थे जिससे मैं इस नर्क से बाहर आ सकूं।"
- "ये दौर मेरे लिए जितना बुरा था उतना ही इससे मेरे पैरेंट्स को भी दुख हुआ। फाइनली वो वक्त गुजर गया और मैं अपने नॉर्मल रुटीन में वापस आ गया हूं।"
- "मैंने अपने दिल और आत्मा की सुननी शुरु की और मुझे इस कंडीशन से निकलने में पूरा 1 साल का वक्त लगा। इसी के साथ मैंने ये भी तय किया कि मैं फिर कभी ड्रग्स नहीं लूंगा।"

- सौरभ बताते हैं, "ड्रग की लत छोड़ने में मेरे पैरेंट्स और गर्लफ्रेंड जारा ने पूरा सपोर्ट किया।"
- "जारा ने मुझे लाइफ में खुशियां दीं और लाइफ के खालीपन को भी भरा।"
- बात अगर इस एडिक्शन को छोड़ने की करें तो सौरभ बताते हैं, "पहले तो मैंने अपने उन सभी दोस्तों का साथ छोड़ा जो ड्रग लेते थे। मैंने स्प्रीचुअल लोगों से मिलना और स्प्रीचुअल जगहों पर बैठकर ध्यान करना शुरु किया ताकि मैं अपने आप को मेंटली बैलेंस कर सकूं।"
- "शुरुआत में मेरे ड्रग लेने का बहुत मन होता था लेकिन जब मैं जारा का फेस देखता था तो उसकी मुझसे उम्मीदें देखकर मुझे लगता था कि ये मुझे नहीं तोड़नी चाहिए। मैंने उस दौर में कई स्प्रीचुअल किताबें भी पड़ी। जिसने मुझे ड्रग्स ना लेने के लिए इंस्पायर किया।

- सौरभ बताते हैं कि फैमिली और स्प्रीचुअल बुक्स के साथ उन्होंने काफी मेडिटेशन भी किया। जिसने उन्हें इस परेशानी से निकलने में काफी मदद की।
- फैमिली सपोर्ट, स्प्रीचुअल किताबें, मेडिटेशन और मोटिवेशनल लोगों से मिलने का यही स्पेशल चार्ट था जिसे सौरभ ने फॉलो किया और ड्रग की लत से छुटकारा पाया।
- सौरभ ने फैसला किया है अब वो कभी पीछे पलट कर नहीं देखेंगे।
- बता दें सौरभ इन दिनों कुछ शोज की स्क्रिप्ट पढ़ रहे हैं ताकि वो जल्द टीवी पर कमबैक कर सकें।

सौरभ 'सूर्यपुत्र कर्ण' के अलावा 'जिया जले'(2007), 'सूर्या और सुहानी'(2009), 'तेरे मेरे सपने'(2010), 'आहट'(2010), 'गंगा की धीज'(2011), 'रजिया सुल्तान'(2015) जैसे शोज में काम कर चुके हैं।