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कई बड़े होटलों में था मैनेजर, पेटीएम से पेमेंट ले करता था लड़की सप्लाई


भोपाल पुलिस की साइबर सेल ने आखिरकार पिछले दो महीने से फरार चल रहे ऑनलाइन सेक्स रैकेट के सरगना को धरदबोचा। आरोपी पर पांच हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया गया था। पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी लड़कियों का सौदा वेबसाइट से करता था और उसका पेमेंट पेटीएम के जरिए कस्टमर्स से लेता था। होटल में मैनेजर...


- साइबर सेल के मुताबिक, दो महीने पहले सामने आए सेक्स रैकेट के मामले में गिरोह का मुख्य सरगना सुभाष उर्फ वीर द्विवेदी फरार था।
- उसे पकड़ने में साइबर क्राइम ब्रांच के अलावा मंगलवारा थाने की भी अहम भूमिका रही।
- आरोपी ने पूछताछ में बताया कि उसने अपने साथियों के साथ मिलकर दिल्ली में अश्लील वेबसाइट बनाई थी।
- जिसके जरिए कस्टमर्स से संपर्क कर लडकियां उपलब्ध कराते थे और पैसा पेटीएम या बैंक के जरिए लेते थे।

नौकरी ढूंढने आया था भोपाल, करने लगा लड़कियों की SUPPLY
- मूल तौर पर रीवा का रहने वाले रैकेट सरगना सुभाष ने वेबसाइट चलाने के लिए सभी सदस्यों को अलग-अलग कामों में लगाया था।
- जांच में पता लगा कि आरोपी सुभाष 5 साल पहले नौकरी की तलाश में भोपाल आया।
- उसने भोपाल की कई बड़ी होटलों में काम किया। साथ ही कई होटलों में मैनेजर भी रहा।
- होटल मैनेजर रहते हुए वह कपल्स को कमरे भी दिलाने लगा।
- फिर कुछ समय कॉल गर्ल्स सप्लाई करने की लाइन में आ गया।

रख लेता था लड़कियों की आईडी

- साइबर क्राइम टीम ने बताया कि आरोपी जॉब का लालच देकर मेघालय और महाराष्ट्र की कई लड़कियों को सेक्स रैकेट में धकेल देता था।
- वह लड़कियों को जॉब दिलाने के बहाने भोपाल बुलाता और उन्हें एक कमरे में रोक लेता था। फिर उनकी आईडी भी अपने पास रखता था।
- ये लोग जॉब से जुड़ीं विभिन्न साइटों पर अपना बायोडेटा अपलोड करने वालीं लड़कियों से संपर्क करते थे।
- उस वक्त पुलिस ने छापा मारकर 4 लड़कियों को भी बचाया था।

बीजेपी नेता भी था शामिल...
- इस ऑनलाइन सेक्स रैकेट का करीब दो महीने खुलासा हुआ था। मामले में पुलिस ने नौ आरोपियों को पकड़ा था, जिसमें भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित मोर्चा का तत्कालीन मीडिया प्रभारी नीरज शाक्य भी शामिल था। मामले के सामने आने पर पार्टी ने उसे निष्कासित कर दिया था।
-पकड़े गए आरोपियों में सुभाष उर्फ वीर द्विवेदी के अलावा दिनेश उर्फ डेविड, सुरेश गहलोत उर्फ शैलेंद्र, रवि प्रजापति, हरजीत धनवानी, मनोज कुमार गुप्ता, कृष्णकुमार जायसवाल, सुरेश बेलानी, मिसवा उद्दीन और नीरज शाक्य शामिल हैं। नीरज भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा का प्रदेश मीडिया प्रभारी है। कार्रवाई के बाद प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान ने उसे पार्टी से निकाल दिया।